“लेटकर पढ़ाई, दर्द से जंग… और PCS में जीत” — पूर्णिमा सिंह यादव बनीं असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर

सीतापुर। मुश्किल हालात इंसान को तोड़ते नहीं, बल्कि उसे और मजबूत बनाते हैं—अगर हौसला जिंदा हो। इसका जीता-जागता उदाहरण महमूदाबाद क्षेत्र के मोहम्मदपुर कला गांव की पूर्णिमा सिंह यादव हैं, जिन्होंने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पीसीएस-2024 में शानदार सफलता हासिल करते हुए असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) का पद प्राप्त किया है।
एक साल पहले जहां डॉक्टरों ने उन्हें न्यूरो समस्या के चलते बैठकर पढ़ाई करने से मना कर दिया था, वहीं पूर्णिमा ने हार मानने के बजाय अपने सपनों को नया तरीका दिया। उन्होंने लेटकर पढ़ाई शुरू की और अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ती रहीं।
इसी संघर्ष के बीच वर्ष 2024 में उनके पिता नरेंद्र सिंह यादव का निधन हो गया। यह दुखद घटना किसी को भी तोड़ सकती थी, लेकिन पूर्णिमा ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उनकी मां नीलम यादव ने हर कदम पर उनका साथ दिया और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
मेहनत + संघर्ष = सफलता
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (PCS)-2024 के अंतिम परिणाम में सीतापुर जिले के 10 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। इनमें कई ऐसे युवा शामिल हैं, जिन्होंने नौकरी के साथ-साथ रोजाना 5 से 7 घंटे की पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को हासिल किया।
खुशी की लहर
इस शानदार उपलब्धि से पूर्णिमा के परिवार और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। हर तरफ से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं और उनकी कहानी युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बन गई है।
अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात चाहे जैसे भी हों—सफलता जरूर मिलती है।




