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पलिया के बच्चों ने विद्यालय बचाने की लगाई गुहार 

हाईवे होने की वजह से बच्चों के अभिभावकों ने जताई असमर्थता, डीएम, सीडीओ और बीएसए से मिले एसएमसी अध्यक्ष व प्रधान

Raebareli: प्राथमिक विद्यालयों का मर्जर होने का विरोध अब एसएमसी व ग्राम प्रधानों ने भी शुरू कर दिया है। अपना विद्यालय बचाने के लिए अधिकारियों की चौखट पर बच्चे से लेकर प्रधान तक घूम रहे हैं।

अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि हमारा विद्यालय बचा लिया जाए। सोमवार को अमावां ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पलिया के बच्चों ने डीएम, सीडीओ और बीएसए से मिलकर विद्यालय न मर्जर करने की गुहार लगाई।

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जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी की चौखट पर आकर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष नीतू, ग्राम प्रधान श्यामू और अभिभावकों ने ज्ञापन देकर बताया कि विद्यालय मर्जर होने से हम लोगों की पढ़ाई बाधित हो जाएंगी। ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय हरदासपुर गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर हैं और हाईवे पर विद्यालय स्थित हैं। इसकी वजह से हम लोगों को बहुत ही कठिनाई का समाना करना पड़ेगा।

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हम लोग अपने बच्चों को हाईवे पर नहीं भेज पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस दूसरे रास्ते से आना-जाना होगा, उस रास्ते में शराबी और नशेड़ी लोगों का जमावड़ा रहता है। जिससे छोटे-छोटे बच्चों को कभी भी कोई दिक्कत हो सकती है।

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ग्रामीणों ने कहा कि इतनी दूर लड़कियों को भेजना किसी खतरे से कम नहीं होगा। हमारी छोटी-छोटी बच्चियां पढ़ाई से वंचित रह जाएंगी। उन्होंने जिलाधिकारी से लेकर बीएसए तक से विद्यालय को मर्जर न करने की गुहार लगाई है।

अधिकारियों को ज्ञापन देने वालों में दयावती, प्रमोद, अजय, संदीप, कमलेश, सुमन, शिव बहादुर,किरण देवी, रेशमा सहित दर्जनों अभिभावक उपस्थित रहे।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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