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सोशल मीडिया पर ‘E20 Janta Party’ की एंट्री, 4 अगस्त को संसद मार्च, 100% शुद्ध पेट्रोल का आंदोलन तेज

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की सफलता के ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक नया डिजिटल आंदोलन तेजी से उभर रहा है — E20 Janta Party। यह आंदोलन 100% शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने और उपभोक्ता को ईंधन चुनने का अधिकार देने की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे पर कई राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने 31 जुलाई को दिल्ली में बड़े पैमाने पर गाड़ी मार्च (Gaadi March) का आह्वान किया है।

E20 Janta Party क्या है ?

E20 Janta Party कोई औपचारिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि नागरिकों के नेतृत्व वाला उपभोक्ता अधिकार आंदोलन है। यह मुख्य रूप से एक्स (ट्विटर) पर सक्रिय है और CJP की मीम-आधारित, व्यंग्यात्मक शैली अपना रहा है। इसकी मुख्य मांगें हैं :

  • पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ 100% शुद्ध पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध हो।
  • ईंधन की लेबलिंग पूरी तरह पारदर्शी हो।
  • माइलेज, इंजन प्रदर्शन और रखरखाव लागत पर स्वतंत्र अध्ययन सार्वजनिक किए जाएं।
  • उपभोक्ता को सिर्फ एक विकल्प थोपने के बजाय चुनने की आजादी दी जाए।

आंदोलन साफ कह रहा है — “हम इथेनॉल ब्लेंडिंग बंद करने या सब्सिडी की मांग नहीं कर रहे। हम सिर्फ विकल्प की मांग कर रहे हैं।”

तहसीन पूनावाला पिछले कई हफ्तों से E20 नीति के सबसे मुखर आलोचकों में से एक हैं। उन्होंने नितिन गडकरी पर हितों के टकराव का आरोप लगाया है और कहा है कि उनके परिवार से जुड़ी कंपनियां इथेनॉल व्यवसाय से जुड़ी हैं। उन्होंने बार-बार मांग की है कि E20 नीति से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।

तहसीन ने Team Bharat के बैनर तले 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को दिल्ली में Gaadi March, Gandhi March का ऐलान किया है। मार्च का रूट India Gate से शुरू होकर Parliament Street तक है। इसमें कार और बाइक मालिकों को शामिल होने का आह्वान किया गया है। उनकी मांगें हैं:

  • E10-कम्पैटिबल वाहनों के लिए E10 पेट्रोल उपलब्ध कराया जाए।
  • शुद्ध पेट्रोल का विकल्प सुनिश्चित किया जाए।
  • पेट्रोल की कीमतों में कमी लाई जाए।
  • नीति में पारदर्शिता बढ़ाई जाए।

तहसीन ने इसे “दुनिया का सबसे बड़ा कार प्रोटेस्ट” बनाने का दावा किया है और कहा है कि यह आंदोलन वाहन मालिकों के हक और उनकी गाड़ियों की सुरक्षा के लिए है।

4 अगस्त का संसद मार्च

इसके अलावा कुछ E20 Janta Party से जुड़े अकाउंट्स ने 4 अगस्त को टैक्सी, पर्यटक और कमर्शियल वाहन मालिकों के संसद मार्च की घोषणा की है। इसमें संजय सम्राट के नेतृत्व का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि कुछ यूजर्स ने कुछ अकाउंट्स की विश्वसनीयता पर सवाल भी उठाए हैं।

E20 विवाद की जड़

1 अप्रैल 2026 से E20 को देशभर में डिफॉल्ट पेट्रोल बना दिया गया। सरकार का तर्क है कि इससे तेल आयात घटेगा, किसानों को फायदा होगा और उत्सर्जन कम होगा। लेकिन बड़ी संख्या में वाहन मालिकों का अनुभव है कि माइलेज घटा है और पुराने वाहनों में समस्याएं बढ़ी हैं। अधिकांश पुराने वाहन E10 तक ही कम्पैटिबल माने जाते हैं।

सोशल मीडिया पर तेज लहर

25-26 जुलाई को E20 Janta Party के नाम से कई अकाउंट्स सक्रिय हुए। साथ ही तहसीन पूनावाला के पोस्ट्स और वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। नतीजतन यह मुद्दा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि मीडिया में भी चर्चा का विषय बन गया है।

अभी आंदोलन दो धाराओं में आगे बढ़ रहा है — एक डिजिटल ‘E20 Janta Party’ के रूप में और दूसरी तहसीन पूनावाला के नेतृत्व में जमीनी गाड़ी मार्च के रूप में। दोनों ही 100% शुद्ध पेट्रोल या कम से कम उपभोक्ता के विकल्प की मांग पर एकमत हैं।

31 जुलाई का गाड़ी मार्च और 4 अगस्त का संभावित संसद मार्च यह तय करेगा कि यह उपभोक्ता अधिकार आंदोलन कितना व्यापक रूप ले पाता है।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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