सिद्धार्थनगर में 108 एम्बुलेंस टीम बनी मसीहा: सड़क हादसे में लहूलुहान जय प्रकाश को दी नई जिंदगी

सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा एक बार फिर किसी के लिए जीवनदायिनी साबित हुई है। सीएचसी इटवा (CHC Itwa) लोकेशन पर तैनात 108 एम्बुलेंस टीम ने एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को न सिर्फ समय पर अस्पताल पहुंचाया, बल्कि अपनी सूझबूझ और समय पर प्री-हॉस्पिटल केयर दी। समय पर इलाज से अब डॉक्टर उसका पैर भी कटने से बचा सकेंगे।
मोटर साइकिल के पहिए में फंसा पैर, छटपटा रहा था पीड़ित
शनिवार 27 जून की सुबह करीब 10:01 बजे 108 एम्बुलेंस सेवा को एक राहगीर के जरिए हादसे की सूचना मिली। सिद्धार्थनगर जिले के इमिलिया गांव के रहने वाले करीब 45 वर्षीय जय प्रकाश किसी काम वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में वह एक गंभीर सड़क दुर्घटना (RTA) का शिकार हो गए, जिसमें उनका पैर मोटरसाइकिल के पहिए में बुरी तरह फंस गया। हादसे में उनके पैर का निचला हिस्सा (Lower Limb) क्षत-विक्षत हो गया और वह असहनीय दर्द से तड़प रहे थे।
सूचना मिलते ही उनके लिए सीएचसी इटवा पर तैनात एम्बुलेंस रवाना की गई।
रास्ते में ही फोन पर दी फर्स्ट-एड की जानकारी
दुर्घटना और घायल की स्थिति की जानकारी मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (EMT) दिनेश कुमार ने फोन पर ही पीड़ित के साथ मौजूद लोगों को ‘प्री-अराइवल इंस्ट्रक्शन्स’ (PAI) दिए। उन्होंने घायल का खून बहने से रोकने, चोट को संभालने और मरीज को मनोवैज्ञानिक ढांढस बंधाने के जरूरी निर्देश दिए ताकि स्थिति और न बिगड़े।
एम्बुलेंस बनी ‘मिनी ऑपरेशन थिएटर’
जब एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, तो ईएमटी दिनेश कुमार और पायलट श्याम लाल ने तुरंत स्थिति संभाली। शुरुआती जांच (Primary Trauma Assessment) में मरीज होश में था, लेकिन लगातार खून बहने के कारण पल्स रेट बहुत अधिक बढ़ा हुआ (48) था, और ब्लड प्रेशर भी काफी कम (80/60) तक गिर चुका था।
ईएमटी ने मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट करने के बाद खून अत्यधिक बहाव रोकने के लिए तत्काल घाव की ड्रेसिंग की और घायल पैर को स्थिर (Stabilize) करने के लिए स्प्लिंट लगाया। इसके बाद ईएमटी ने कॉल सेंटर मौजूद डॉ. हरीश से फोन पर मरीज की स्थिति के बारे में जानकारी दी और उनके निर्देशानुसार मरीज को दर्द से राहत देने के लिए आवश्यक दवाएं, इंजेक्शन दिए।
परिजनों ने जताया सरकार और स्टाफ का आभार
चलती हुई एम्बुलेंस के भीतर मरीज की स्थिति को लगातार मॉनिटर किया गया और उसे सुरक्षित रूप से सीएचसी इटवा (CHC Itwa) पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने मरीज को आगे के इलाज का इलाज किया जहां मरीज की हालत स्थिर है।
समय पर मिली इस मदद से भावुक होकर जय प्रकाश के परिजनों ने 108 सेवा और उसके स्टाफ की जमकर तारीफ की। परिजनों ने कहा कि अगर एम्बुलेंस सही समय पर न पहुंचती और मौके पर इलाज न मिलता, तो शायद जय प्रकाश का पैर हमेशा के लिए गंवाना पड़ता।




