Dr Vivek Singh Assault Case: KGMU Teachers’ Association और IMA ने UP Government से की FIR की मांग

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. विवेक कुमार सिंह के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोने की चेन लूटने का भी आरोप लगाया गया है। इस घटना से आक्रोशित केजीएमयू शिक्षक संघ (KGMU Teachers’ Association) ने प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शिक्षक संघ ने अपर मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करने की अपील की गई है।
कार से टक्कर के बाद हुई मारपीट और लूट
शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डॉ. विवेक कुमार सिंह 31 मई की शाम अपनी कार से बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) की ओर जा रहे थे। रास्ते में एक अन्य कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी।
आरोप है कि उस कार में सवार एक महिला और पुरुष ने डॉ. विवेक के साथ अभद्रता और मारपीट की। इसी बीच महिला ने डॉ. विवेक के गले से लगभग 20 ग्राम वजन की सोने की चेन भी छीन ली। हमले में घायल होने के कारण उन्हें इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) में भर्ती होना पड़ा।
पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप
डॉ. विवेक की पत्नी डॉ. विजेता सिंह ने आशियाना थाने (Ashiyana Police Station) में घटना की तहरीर दी है। लेकिन पुलिस पर आरोप है कि अभी तक उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। शिक्षक संघ के पत्र में यह भी दावा किया गया है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष की ओर से मामला दर्ज कर लिया है।
संघ के महासचिव डॉ. संतोष कुमार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस रवैये और पूरी घटना से विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक बेहद आहत और चिंतित हैं।

IMA ने भी शासन को लिखा पत्र
इस मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) भी केजीएमयू के डॉक्टरों के समर्थन में उतर आया है। आईएमए ने शासन को पत्र लिखकर मामले में दखल देने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अस्थाना ने कहा कि डॉ. विवेक कुमार सिंह के साथ हुई लूट और अभद्रता के मामले में उचित धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षक संघ और IMA की प्रमुख मांगें:
- डॉ. विजेता सिंह द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर तत्काल उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए।
- घटना में शामिल आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच हो और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- डॉ. विवेक कुमार सिंह और उनके पूरे परिवार को पुलिस सुरक्षा (Police Protection) प्रदान की जाए।
- चिकित्सक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े और प्रभावी निर्देश जारी किए जाएं।





