चेतना की ‘खिलती कलियां’ परियोजना के बच्चों का शानदार प्रदर्शन

90.4% बच्चे परीक्षा में सफल, 12 बच्चों ने स्कूलों में प्राप्त किए शीर्ष स्थान
लखनऊ/गुरुग्राम। सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित चेतना संस्था की ‘खिलती कलियां’ परियोजना ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। परियोजना से जुड़े बच्चों ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करते हुए न केवल परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की, बल्कि कई बच्चों ने अपने विद्यालयों में शीर्ष स्थान हासिल कर यह साबित किया कि अवसर, मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग मिलने पर हर बच्चा अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकता है।
परियोजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कुल 470 बच्चों का नामांकन किया गया। इनमें से 320 बच्चों ने वार्षिक परीक्षाओं में भाग लिया, जिनमें 289 बच्चों (90.4 प्रतिशत) ने सफलता प्राप्त की, जबकि 31 बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया गया। यह उपलब्धि नियमित शैक्षणिक सहयोग, रेमेडियल कक्षाओं, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, उपस्थिति निगरानी तथा अभिभावकों के साथ निरंतर संवाद का परिणाम है।
शैक्षणिक उपलब्धियों का विस्तृत विश्लेषण दर्शाता है कि 146 बच्चों ने प्रथम श्रेणी अथवा उससे बेहतर प्रदर्शन किया। इनमें 15 बच्चों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, 47 बच्चों ने डिस्टिंक्शन हासिल की तथा 84 बच्चों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। यह परिणाम बच्चों के मजबूत शैक्षणिक आधार और सीखने की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
इस वर्ष परियोजना से जुड़े 12 बच्चों ने अपनी कक्षाओं एवं विद्यालयों में शीर्ष स्थान प्राप्त किए, जिनमें 3 बच्चों ने प्रथम स्थान तथा 9 बच्चों ने द्वितीय स्थान हासिल किया। यह सफलता बच्चों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण तथा समुदाय आधारित शिक्षा मॉडल की प्रभावशीलता का प्रमाण है। परियोजना का प्रभाव केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के रूप में भी दिखाई देता है।
कभी आर्थिक मजबूरियों के कारण कबाड़ बीनने का कार्य करने वाले जीत ने शिक्षा से पुनः जुड़कर प्रथम श्रेणी प्राप्त की और आज नियमित रूप से विद्यालय में अध्ययन कर रहा है। वहीं शिवानी, जिसने पारिवारिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना किया, आज विद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता का भी परिचय दे रही है। ये कहानियां दर्शाती हैं कि शिक्षा बच्चों के जीवन में स्थायी और परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकती है।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि परियोजना के माध्यम से अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की गई है। इससे शिक्षा में समान अवसर, सामाजिक समावेशन और बाल अधिकारों को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर चेतना के निदेशक संजय गुप्ता ने कहा, हर बच्चे में आगे बढ़ने की क्षमता होती है। सही अवसर और सहयोग मिलने पर बच्चे शानदार उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
वहीं परियोजना समन्वयक राजेन्द्र कुमार ने कहा, पूरे वर्ष बच्चों के साथ नियमित शैक्षणिक सहयोग और परिवारों के साथ संवाद का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है। बच्चों की उपलब्धियां हमें और बेहतर काम करने की प्रेरणा देती हैं।
चेतना संस्था का मानना है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए। ‘खिलती कलियां’ परियोजना इसी दृष्टि के साथ बच्चों को शिक्षा, नेतृत्व और बेहतर भविष्य की दिशा में सशक्त बनाने का कार्य निरंतर कर रही है।




