“संस्कृति जब सीमाएँ पार करती है, तब राष्ट्र का सम्मान बढ़ता है” : केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल

‘मन जन गण मन गाएगा’ विश्वभर के भारतीयों की राष्ट्रभक्ति का स्वर; प्रवासी भारतीय अब मातृभूमि को लौटाएँ अपना ज्ञान, अनुभव और योगदान
“विदेश में रहकर भी भारतीयता को जीवंत रखना सबसे बड़ी देशभक्ति है” : कानपुर सांसद रमेश अवस्थी
नई दिल्ली, नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में LIPI Europe (Literary Intellectuals and Poets of Indian Origin, Europe) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम “India Beyond Borders – A Patriotic Tribute by Global Indian Diaspora to Bharat” में भारतीय संस्कृति, साहित्य और वैश्विक भारतीय समुदाय की भावनात्मक एकता का भव्य उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में देशभक्ति गीत “मन जन गण मन गाएगा” का लोकार्पण तथा 14 वर्षीय समृद्धि जैन की पुस्तक “The Colors Behind the Rainbow” का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने डॉ. योजना साह जैन द्वारा लिखित, संगीतबद्ध, निर्देशित एवं निर्मित देशभक्ति गीत “मन जन गण मन गाएगा” का लोकार्पण करते हुए कहा कि “यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि विश्वभर में बसे करोड़ों भारतीयों की मातृभूमि के प्रति भावनाओं, राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त स्वर है। संस्कृति जब सीमाएँ पार करती है, तब राष्ट्र का सम्मान बढ़ता है।”
उन्होंने विश्वभर में बसे प्रवासी भारतीयों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “आपने विदेशों में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से भारत का गौरव बढ़ाया है। अब समय आ गया है कि अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का एक हिस्सा मातृभूमि को भी लौटाएँ। देश ने आपको बहुत कुछ दिया है, अब आपकी भी बारी है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “मन जन गण मन गाएगा” जैसा सांस्कृतिक अभियान भारत की सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए डॉ. योजना साह जैन और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।

कानपुर लोकसभा सांसद श्री रमेश अवस्थी ने कहा, “भारत से हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी भारतीयता को जीवंत रखना अपने आप में सबसे बड़ी देशभक्ति है। जो लोग विदेशों में रहकर भारत की संस्कृति, भाषा, परंपराओं और राष्ट्र गौरव को दुनिया तक पहुँचा रहे हैं, वे वास्तव में भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं। ऐसे व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणा हैं और हमें उन पर गर्व है।”
पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा ने कहा, “जब हम विदेश जाते हैं तो कोई हमारी जाति या धर्म नहीं पूछता, दुनिया हमें केवल भारतीय के रूप में पहचानती है। हमारी संस्कृति ही वह शक्ति है जो हम सभी को एक सूत्र में बाँधती है।”

LIPI Europe की अध्यक्ष, जर्मनी निवासी वैज्ञानिक, साहित्यकार एवं सांस्कृतिक क्यूरेटर डॉ. योजना साह जैन ने कहा, “हम भारत से बाहर अवश्य रहते हैं, लेकिन हमारा दिल हमेशा भारत के लिए ही धड़कता है। ‘India Beyond Borders’ विश्वभर में बसे भारतीयों की मातृभूमि के प्रति अटूट भावनाओं का उत्सव है। हमारा उद्देश्य साहित्य, संगीत और संस्कृति के माध्यम से भारत को विश्व से जोड़ना है।”
कार्यक्रम के दौरान “मन जन गण मन गाएगा” का आधिकारिक संगीत वीडियो केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, सांसद रमेश अवस्थी, पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ निदेशक श्री सुनील कुमार सिंह, डॉ. संदीप मारवाह तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से लोकार्पित किया गया।
अतिथियों ने कहा कि डॉ. योजना साह जैन ने विदेश में रहकर भी भारतीय संस्कृति, साहित्य और राष्ट्रप्रेम को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। “मन जन गण मन गाएगा” केवल एक गीत नहीं, बल्कि विश्वभर में बसे भारतीयों के हृदय की आवाज़ है, जो भारत के प्रति प्रेम, गौरव और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है।
इस अवसर पर बर्लिन निवासी 14 वर्षीय युवा लेखिका समृद्धि जैन की प्रथम अंग्रेज़ी पुस्तक “The Colors Behind the Rainbow” का भी विमोचन किया गया। अतिथियों ने कहा कि इतनी कम आयु में उनकी साहित्यिक उपलब्धि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है और भारतीय प्रतिभा की वैश्विक पहचान का प्रतीक है।
कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. ओ.पी. यादव ने किया, जबकि डॉ. ओ.पी. यादव एवं शीना खंडेलवाल ने प्रभावी मंच संचालन किया। समारोह के दौरान मीडिया, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक विशिष्ट व्यक्तित्वों को LIPI Europe Awards 2026 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान तथा राष्ट्रप्रेम, भारतीय सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक भारतीय एकता के संदेश के साथ हुआ।




