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केजीएमयू में अटेवा की जनजागरण यात्रा का समापन: पुरानी पेंशन बहाली के लिए 25 सितंबर को लखनऊ में होगी विशाल रैली

लखनऊ: अटेवा (ATEWA) पेंशन बचाओ मंच की जनजागरण यात्रा सोमवार को केजीएमयू (KGMU) में समाप्त हो गई। 11 जून से चल रही इस यात्रा का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की प्रमुख मांगों को लेकर जागरूकता फैलाना था।

यह यात्रा 19 दिनों तक भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान के बीच चली। अंतिम दिन यह यात्रा रेलवे बारातघर आलमबाग से शुरू हुई। इसके बाद सदर सिंचाई विभाग, कैसरबाग और स्वास्थ्य विभाग होते हुए केजीएमयू परिसर पहुंची, जहां एक जनसभा के साथ इसका समापन हुआ। जगह-जगह विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने फूल-मालाओं से यात्रियों का जोरदार स्वागत किया।

अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि 19 दिन चली इस जनजागरण यात्रा से शिक्षकों, कर्मचारियों में पुरानी पेंशन की बहाली, निजीकरण की समाप्ति और TET की अनिवार्यता की समाप्ति जब तक नहीं हो जाती है। तब तक अटेवा का संघर्ष जारी रहेगा। यदि सरकार इसके बाद भी नहीं सुनती है तो 25 सितंबर को लखनऊ में विशाल रैली की जाएगी जो दिल्ली जैसी ऐतिहासिक रैली होगी।

25 सितंबर को आर-पार की लड़ाई का ऐलान

यात्रा के समापन पर अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक ये तीनों मांगें पूरी नहीं हो जातीं, अटेवा का संघर्ष यूं ही जारी रहेगा। उन्होंने बड़ा ऐलान किया कि यदि सरकार उनकी आवाज नहीं सुनती है, तो 25 सितंबर को लखनऊ में एक विशाल रैली की जाएगी। यह रैली दिल्ली में हुई ऐतिहासिक रैली की तरह ही असरदार होगी।

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‘सड़क से सदन तक देना होगा साथ’

प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों, कर्मचारियों और नौजवानों के लिए विजय कुमार बन्धु का सड़क पर संघर्ष बेमिसाल है। आज के समय में ऐसा नेतृत्व मिलना मुश्किल है। उन्होंने सभी से इस लड़ाई में सड़क से लेकर सदन तक साथ देने की अपील की।

शिक्षा स्वास्थ्य महासंघ के सत्येंद्र सिंह, संजय रावत और उत्तर प्रदेश ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता रामेन्द्र श्रीवास्तव ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज अटेवा ही एकमात्र ऐसा संगठन है, जो कर्मचारियों के हकों के लिए सड़क पर लगातार संघर्ष कर रहा है। सभी कर्मचारियों को इसका भरपूर सहयोग करना चाहिए।

टीईटी (TET) से उम्रदराज शिक्षक परेशान

प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र राय और श्रवण सचान ने सरकार से शिक्षकों और कर्मचारियों को न्याय देने की मांग की। पशुपालन विभाग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नील मणि नरसिंह राव और रेलवे यूनियन के राकेश वर्मा ने निजीकरण से आम जनता को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया।

वहीं, डॉ. मनोज पाण्डेय और डॉ. कमल ऊसरी ने कहा कि TET की अनिवार्यता के कारण उम्रदराज शिक्षक काफी मानसिक तनाव और परेशानी में हैं। इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए।

जनजागरण यात्रा में प्रमुख रूप से प्रदेश विधिक सलाहकार नरेन्द्र कुमार, प्रदेश संगठन मंत्री रजत प्रकाश, वेद आर्यन, जिला संयोजक सुनील वर्मा, महामंत्री विजय विश्वास, कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा, विजय काकोरी, विवेक गुप्ता, हरी शंकर राठौर, आर0 सी0, शैलेंद्र रावत, अंशू केडिया, समेत कई अन्य पदाधिकारीगण भी जनजागरण यात्रा में सम्मिलित रहे।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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