Health

लखनऊ के सिविल अस्पताल में सुनील यादव की पुस्तक ‘साथी हाथ बढ़ाना’ पर परिचर्चा, डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया CPR का महत्व

लखनऊ. बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और सीपीआर (CPR) की जानकारी हर घर तक पहुंचनी चाहिए। सही समय पर दिया गया सीपीआर किसी भी मरते हुए व्यक्ति की जान बचा सकता है। यह बात लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल के निदेशक डॉ. जी. पी. गुप्ता ने कही।

सिविल अस्पताल में सोमवार (27 जुलाई) को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट सुनील यादव की नई पुस्तक “साथी हाथ बढ़ाना – Basic Life Support (BLS): Emergency Response and Life-Saving Skills” पर आधारित था। इस दौरान परिचर्चा के साथ-साथ सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।

सीपीआर से बचाई 50 से अधिक की जान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक डॉ. जी. पी. गुप्ता ने इस पुस्तक को दूरगामी परिणाम देने वाला बताया। उन्होंने हाल ही की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक वरिष्ठ राजनेता को कार्डियक अरेस्ट के दौरान प्रभावी सीपीआर देकर जीवनदान मिला। उन्होंने अपने स्वयं के चिकित्सीय अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने करियर में 50 से अधिक लोगों की जान सीपीआर देकर बचाई है। डॉ. गुप्ता ने सभी चिकित्सा कर्मियों से अपील की कि वे सबसे पहले अपने परिवार और बच्चों को सीपीआर का प्रशिक्षण दें।

डॉ. जी. पी. गुप्ता का मनाया गया जन्मदिन

आयोजन के दौरान अस्पताल के निदेशक डॉ. जी. पी. गुप्ता का जन्मदिन भी पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अस्पताल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. सी. पांडे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. आर. सिंह और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशुतोष दुबे, महेंद्र रावत, ए पी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और कर्मचारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें:

1. Uttar Pradesh: हाई रिस्क प्रेगनेंसी केस में 102 एंबुलेंस बनी जीवनरक्षक, रास्‍ते में कराया सुरक्षित प्रसव

2. SGPGI लखनऊ की बड़ी उपलब्धि: दुर्लभ बीमारी X-ALD का पहला सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट, पिता ने दिया बेटे को जीवनदान

जीवनरक्षक कौशल को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान

पुस्तक के लेखक सुनील यादव ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों का भावुक होकर आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि जीवनरक्षक कौशल को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक अभियान का है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए आनंद आर्या, सुशील त्रिपाठी (संचालक), प्रभारी अधिकारी फार्मेसी आनंद, और छायाकार सुधाकर शर्मा व विशाल सहित अपनी पूरी टीम को धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने यह संकल्प लिया कि चोकिंग और अन्य जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button