E20 Janta Party: आखिर क्यों बनी ‘E20 जनता पार्टी’? दो दिन में लाखों हुए फॉलोअर्स, जानें क्या है नई मांग
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन हाल ही में समाप्त हुआ है। इस आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। अब सोशल मीडिया पर एक नया डिजिटल कैंपेन तेजी से वायरल हो रहा है। इसका नाम ‘E20 Janta Party’ (ई20 जनता पार्टी) है। यह कैंपेन देश की ईंधन नीति और E20 पेट्रोल के विरोध में शुरू किया गया है।
क्या है E20 जनता पार्टी?
यह कोई चुनाव लड़ने वाली राजनीतिक पार्टी नहीं है। यह एक सिटिजन-लेड (नागरिकों द्वारा संचालित) कंज्यूमर राइट कैंपेन है। इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर चलाया जा रहा है। यह पार्टी खुद को आम वाहन चालकों की आवाज बताती है। इनका कहना है कि वाहनों पर जबरन नए फ्यूल का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
E20 Janta Party is not a political party.
We are an independent citizens’ movement focused on raising issues that affect the common people. Our only agenda is to ensure transparency, protect consumer rights, and encourage an open public discussion on the real impact of India’s…
— E20 JANTA PARTY (@E20Party) July 26, 2026
दो दिन में फॉलोअर्स की आई बाढ़
इस कैंपेन को युवाओं और वाहन मालिकों का भारी समर्थन मिल रहा है। सोशल मीडिया पर इनके फॉलोअर्स रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहे हैं।
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X (ट्विटर) पर: एक दिन पहले तक ‘X’ पर इसके करीब 13,000 फॉलोअर्स थे। अब यह संख्या बढ़कर 45,000 के पार हो गई है।
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इंस्टाग्राम पर: इंस्टाग्राम पर सबसे बड़ा उछाल देखा गया है। कल तक यहां सिर्फ 8,800 फॉलोअर्स थे। महज़ कुछ ही घंटों में यह आंकड़ा बढ़कर 1.44 लाख तक पहुंच चुका है।
Every vehicle deserves the fuel it was designed for.
E10-compliant vehicles → E10 fuel.
E20-compliant vehicles → E20 fuel.Distribution and logistics are the government’s responsibility not the consumer’s.
We paid high GST on our vehicles and registration fees. In return, we…
— E20 JANTA PARTY (@E20Party) July 27, 2026
आखिर मांग क्या है?
E20 जनता पार्टी की मांग बेहद साफ और सीधी है। ये लोग इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) का विरोध नहीं कर रहे हैं। न ही ये किसी सब्सिडी या फ्री फ्यूल की मांग कर रहे हैं। इनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
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देश के हर पेट्रोल पंप पर E20 के साथ 100% शुद्ध (इथेनॉल-फ्री) पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए।
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ग्राहकों को अपनी पसंद का फ्यूल चुनने की पूरी आज़ादी मिले।
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फ्यूल पंप पर स्पष्ट लेबलिंग हो, ताकि ग्राहक को पता रहे कि वह क्या खरीद रहा है।
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इंजन के परफॉरमेंस, माइलेज और मेंटेनेंस लागत पर निष्पक्ष रिसर्च सार्वजनिक की जाए।
Nitin Gadkari ji sir …the game is on!!
Please tell us :* Why is petrol that costs INDIA ₹52-55/ litre being blended with Ethanol that costs us ₹72/ litre !
* Why do nations that buy petrol from us sell it to their citizens for cheaper!
Gaadi March, Gandhi March
📅 31… pic.twitter.com/u70sLA8hrD
— Tehseen Poonawalla Official 🇮🇳 (@tehseenp) July 26, 2026
ट्रांसपोर्ट संगठनों का भी मिला साथ
इस डिजिटल कैंपेन का असर अब सड़कों पर भी दिखने वाला है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स और टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन का दावा है कि E20 पेट्रोल से वाहनों का माइलेज घट रहा है और मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है। इसके विरोध में ट्रांसपोर्टर्स ने आगामी 4 अगस्त 2026 को संसद घेराव का ऐलान किया है।




