केजीएमयू ट्रॉमा वेंटिलेटरी यूनिट ने गंभीर लिवर फेलियर से जूझ रहे मरीज की जान बचाई

अमेठी निवासी इस मरीज को पहले लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने डेढ़ महीने तक हेपेटिक फेल्योर (लिवर फेल होने), अल्टर्ड सेंसोरियम (होश खो देना), मेनिंगोइन्सेफेलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन), थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (प्लेटलेट्स की कमी) और सेप्टिक शॉक (गंभीर संक्रमण के कारण रक्तचाप गिरना) जैसी जटिल स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया।
हालत बिगड़ने और उच्च स्तरीय वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता के कारण निजी अस्पताल ने मरीज को केजीएमयू रेफर कर दिया।
उपचार और सफल प्रबंधन
केजीएमयू टीवीयू के प्रभारी डॉ. ज़िया अरशद ने बताया, “मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उन्हें आईसीयू में भर्ती कर गहन चिकित्सीय देखभाल प्रदान की गई। लगातार निगरानी और प्रभावी उपचार के कारण अब उनकी लिवर प्रोफाइल में सुधार है और मरीज वेंटिलेटर से बाहर आ चुके हैं।
आईसीयू टीम के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रवि प्रकाश और डॉ. अभिषेक राजपूत ने बताया कि रोगी की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है और शीघ्र ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
चिकित्सकीय टीम का योगदान
मरीज के उपचार और देखभाल में रेजिडेंट डॉक्टर अंकुर, डॉक्टर सृष्टि, डॉक्टर स्वाति और डॉक्टर ज़ौ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम की मेहनत और विशेषज्ञता ने मरीज को एक नया जीवनदान दिया।
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