रायबरेली के जोहवाशर्की का लाल चीन में करेगा रिसर्च, सरकारी स्कूल से पढ़कर AMU और अब GTIIT का सफर

रायबरेली। गांव के एक साधारण सरकारी स्कूल में ककहरा सीखने वाला छात्र अब चीन की टॉप यूनिवर्सिटी में शुमार जीटीआईआईटी (GTIIT) में महत्वपूर्ण शोध करेगा। यह सुनने में भले ही अचरज भरा लगे, लेकिन रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के जोहवाशर्की गांव निवासी अब्दुल कादिर ने अपनी मेहनत से इस हकीकत को सच कर दिखाया है। उनका चयन चीन में अगले तीन साल तक चलने वाले पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च (Post-Doctoral Research) के लिए हुआ है।
शिक्षाविदों के परिवार से ताल्लुक
अब्दुल कादिर की इस सफलता के पीछे उनके परिवार के शैक्षिक माहौल का भी बड़ा योगदान है। उनके दादा अब्दुल जलील जनपद इंटर कॉलेज में प्रवक्ता रहे हैं और क्षेत्र के जाने-माने शिक्षाविद के रूप में पहचाने जाते हैं। अब्दुल कादिर ने अपने दादा की इसी शैक्षिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन किया है।
उनके पिता अब्दुल हलीम वर्तमान में पीएमश्री कम्पोजिट विद्यालय रूपखेड़ा में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बेटे की इस अभूतपूर्व सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उसकी शुरुआती शिक्षा का जिक्र करते हुए बताया कि बेटे अपनी शिक्षा सरकारी स्कूल से शुरू।
सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफर
अब्दुल कादिर की कामयाबी इस बात का प्रमाण है कि लगन हो तो संसाधन आड़े नहीं आते। उनके पिता ने बताया कि
प्रारंभिक शिक्षा कक्षा एक से पांचवीं तक की पढ़ाई गांव के ही परिषदीय (सरकारी) विद्यालय से पूरी हुई। कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा गांव के दीनदयाल विद्यालय में ली और 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई शहर के एक विद्यालय से की।
स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) का रुख किया। वहां से उन्होंने बीएससी (BSc), एमएससी (MSc) और पीएचडी (PhD) की डिग्रियां हासिल कीं।
अपनी मेधा का परिचय देते हुए अब्दुल कादिर ने सीएसआईआर नेट (CSIR NET) और जेआरएफ (JRF) जैसी प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक पास की हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे गांव में जश्न का माहौल है और क्षेत्र के लोग उन्हें भविष्य के लिए बधाइयां दे रहे हैं।




