टेट से छूट की मांग: अटेवा के पदाधिकारियों ने रायबरेली में राहुल गांधी से की मुलाकात

रायबरेली। टेट (TET) प्रकरण को लेकर बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से अटेवा के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। शिक्षकों ने मुलाकात करके कहा कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्ति शिक्षकों की अर्हता शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं थी। शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि टेट की वर्ष आरटीई एक्ट लागू होने के बाद से प्रभावी किया गया है। शिक्षकों ने राहुल गांधी से मुलाकात टेट अनिवार्यता में छूट दिलाए जाने की मांग की।
जिला संयोजक इरफान अहमद ने बताया कि शिक्षकों पर जबरदस्ती थोपी जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर अटेवा अनवरत आंदोलन कर रहा है। इसी प्रकरण को लेकर आज हम लोग जिले के सांसद और संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने के लिए आए है। शिक्षकों ने पात्रता परीक्षा को लेकर थोपी जा रही अनिवार्यता का विरोध करते हुए नेता प्रतिपक्ष से मुक्ती दिलाए जाने की मांग की।
जिला कोषाध्यक्ष अंजनी मौर्य ने बताया कि हम लोग अनवरत इस मुद्दे को लेकर आंदोलनरत है। उन्होंने कहा कि हम शिक्षकों के लिए जब से टेट अनिवार्य किया गया है तब से शिक्षक बहुत ही परेशान है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अनवरत मांग कर रहा है कि जब सरकार की तरफ से अनिवार्यता ही नहीं तय की गई थी तब आखिर बीच नौकरी में यह जबरदस्ती क्यों की जा रही है।
जिला संरक्षक राजेश यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में टेट की अनिवार्यता का आदेश देकर हम लोगों को दो साल के अंदर पास करने के लिए कहा गया है, अगर हम लोग नहीं पास करते हैं तो फिर नौकरी पर भी संकट आ जाएगा। ऐसे में हम शिक्षकों को टेट से मुक्ती दिलाई जाएं। इस संताव ब्लॉक संयोजक अनिवाश यादव, जिला मीडिया प्रभारी मो0 नसीम मौजूद रहे।




