सीतापुर: एंटी करप्शन टीम का बड़ा धमाका, न्यायिक तहसीलदार का पेशकार और उसका प्राइवेट गुर्गा रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

मिश्रित (सीतापुर): सीतापुर की मिश्रित तहसील के राजस्व विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार के एक बड़े खेल का आज एंटी करप्शन टीम ने भंडाफोड़ कर दिया। टीम ने एक पीड़ित किसान की शिकायत पर जाल बिछाकर न्यायिक तहसीलदार के पेशकार अनीस अहमद और उसके प्राइवेट सहयोगी रोहित सिंह को भारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस अचानक हुई छापेमारी से पूरी तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कई बाबू व अधिकारी अपनी कुर्सियां छोड़कर भाग खड़े हुए।
केमिकल लगे नोट थमाते ही दबोचे गए आरोपी
जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र का एक पीड़ित किसान अपने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के काम के लिए काफी समय से दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि न्यायिक तहसीलदार के पेशकार के पद पर संबद्ध अनीस अहमद ने इस काम के एवज में मोटी घूस मांगी थी। पीड़ित ने बिना रिश्वत के काम करने की मिन्नतें कीं, लेकिन उसकी एक न सुनी गई।
अधिकारियों की तानाशाही और व्यवस्था से तंग आकर पीड़ित किसान ने इसकी लिखित शिकायत एंटी करप्शन (विजिलेंस) टीम से कर दी। शिकायत की पुष्टि होने पर विजिलेंस टीम ने फौरन जाल बिछाया। योजना के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित ने केमिकल लगे नोट अनीस अहमद और अपर तहसीलदार के यहां कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी रोहित सिंह को थमाए, वैसे ही घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन की टीम ने दोनों को दबोच लिया।

गुलाबी हुआ पानी, भ्रष्टाचार की खुली पोल
गिरफ्तारी के तुरंत बाद जब एंटी करप्शन टीम ने मौके पर ही दोनों आरोपियों के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण गुलाबी (लाल) हो गया। इससे मौके पर ही रिश्वत लेने की वैज्ञानिक पुष्टि हो गई।
अटैचमेंट के खेल में चल रहा था वसूली का नेटवर्क
इस कार्रवाई ने राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार और बाबूशाही के सिंडिकेट को उजागर कर दिया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी अनीस अहमद मूल रूप से ‘नाजिर’ के पद पर तैनात है, लेकिन वह लंबे समय से रसूख के दम पर न्यायिक तहसीलदार के पेशकार के पद पर संबद्ध (अटैच) था और सरकारी कुर्सी की आड़ में वसूली का नेटवर्क चला रहा था। इस अवैध धंधे में उसका साथ प्राइवेट गुर्गा रोहित सिंह दे रहा था।
तहसील में मची अफरा-तफरी
एंटी करप्शन टीम की इस अचानक और ताबड़तोड़ कार्रवाई से मिश्रित तहसील में हड़कंप का माहौल है। टीम दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही के लिए अपने साथ ले गई है। इस कार्रवाई के बाद से तहसील के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों और बिचौलियों में हड़कंप मचा हुआ है।




