लखनऊ समेत देशभर में कमर्शियल गैस सप्लाई ठप, मिडिल ईस्ट संकट का दिखा बड़ा असर

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) की तरफ से सोमवार सुबह से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग और सप्लाई पूरी तरह से रोक दी गई है। इस बड़े कदम से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे भारत में गैस संकट गहरा गया है। देशभर में व्यापारिक और औद्योगिक कार्यों के लिए रोजाना लाखों कमर्शियल गैस सिलेंडरों की खपत होती है। आंकड़ों पर गौर करें तो अकेले लखनऊ शहर में हर दिन करीब 10,000 कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होता है। अचानक सप्लाई रुकने से होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और छोटे-बड़े उद्योगों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
इस भारी किल्लत के पीछे की असली वजह वैश्विक स्तर पर चल रहा तनाव है। वर्तमान में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध (US-Israel-Iran War) ने पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट को हिलाकर रख दिया है। युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) से होने वाला कच्चे तेल और गैस का निर्यात बुरी तरह बाधित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है और कतर जैसे प्रमुख उत्पादक देशों ने अपना गैस (LNG/LPG) ऑपरेशन रोक दिया है।
भारत अपनी जरूरत की गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है। युद्ध की वजह से गैस और तेल से भरे दर्जनों भारतीय टैंकर समुद्र में ही फंसे हुए हैं। इसी ग्लोबल क्राइसिस का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर पड़ रहा है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार अलर्ट मोड पर है। सरकार ने आपातकालीन नियमों का इस्तेमाल करते हुए देश की रिफाइनरियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अन्य उत्पादों के बजाय अपनी पूरी क्षमता कुकिंग गैस (LPG) बनाने में लगाएं, ताकि घरों की रसोई चालू रहे। यही कारण है कि घरेलू गैस की सप्लाई को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति रोक दी गई है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही दोबारा शुरू नहीं होती, तब तक गैस की कीमतों और सप्लाई में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।




