टीबी मरीजों का सहारा बने नर्सिंग ऑफीसर सत्येन्द्र सम्मानित

Lucknow: देश को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों में अपना योगदान देेते हुए केजीएमयू के नर्सिंग ऑफीसर सत्येन्द्र कुमार (Satyendra Kumar) नेे 24 टीबी मरीजों को गोद लिया, उन्हें पोषण पोटली बांटी। निक्षय मित्र (Nikshay Mitra) के रूप में टीबी मरीजों को सहारा बने सत्येन्द्र को विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित किया गया।
केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में विश्व टीबी दिवस (World TB Day) पर हुए जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उन्हें यह सम्मान दिया गया। इस मौके पर सत्येन्द्र ने 24 मरीजों को गोद लेकर उन्हें चना, दाल, दलिया, बेसन, मूंगफली, राजमा, सोयाबीन, गुड़ व मखाना आदि पोषक तत्वों से भरपूर पोषण पोटली प्रदान की। सत्येंद्र काफी समय से टीबी जागरूकता के लिए काम कर रहे हैं। विश्व टीबी दिवस के अवसर उनके द्वारा टीबी मरीजों के लिये किये जा रहे कार्य को सराहना मिली। केजीएमयू की कुलसचिव अर्चना गहरवार (Registrar Archana Gaharwar), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बीके ओझा, चिकित्सा अधीक्षक सुरेश कुमार व टीबी नार्थ जोन टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ सूर्य कांत ने उन्हें सम्मानित किया। कुलसचिव अर्चना गहरवार ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे ही निक्षय मित्रों की देश को जरूरत है। निक्षय मित्रों के सहयोग से देश शीघ्र ही टीबी मुक्त होगा।
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इस मौके पर विभाग के प्रमुख डा. सूर्यकान्त (Dr. Suryakant) ने बताया कि रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग द्वारा अब तक 500 सौ से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेने के साथ 1 गांव व एक स्लम एरिया गोद ले चुका है। केजीएमयू द्वारा अब तक लगभग 15 ग्राम पंचायतों को गोद लिया जा चुका है।उन्होंने बताया कि गोद लिए गये टीबी रोगियों का उपचार पूर्ण होने के बाद भी लगभग 300 से अधिक टीबी मरीज विभाग के सम्पर्क में रहते है। लगभग 50 प्रतिशत टीबी के रोगियों के उपचार के बाद भी फेफड़े व सांस से सम्बन्धित दिक्कतें हो जाती हैं।
ऐसे पोस्ट टीबी मरीजों के लिए पोस्ट टीबी डिजीज क्लीनिक शुरू की गयी है। जहां शारीरिक व्यायाम, पोषण संबंधी परामर्श एवं समुचित काउंसलिंग के माध्यम से उनकी श्वसन क्षमता, जीवन गुणवत्ता तथा कार्यक्षमता में सुधार लाने का प्रयास किया जाता है। काउंसलिंग के बाद उन्हें संतुलित आहार एवं जीवनशैली संबंधी जरूरी जानकारी दी जाती है ताकि वह सामान्य व सहज जीवन व्यतीत कर सकें। कार्यक्रम में रेस्पिरेटी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक,रेंजीडेंट, नर्सिंग सिस्टर, स्टाफ व अन्य स्वाथ्य कर्मचारी मौजूद रहे।




