योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला: यूपी पुलिस में 81 हजार भर्तियां, 6 मिनट से भी तेज होगा रिस्पॉन्स टाइम!

लखनऊ: योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में पुलिस विभाग की विभिन्न इकाइयों की गतिविधियों और भावी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में यूपी पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जानकारी देते हुए कहा कि इससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश को एक आधुनिक, सक्षम व ऊर्जावान पुलिस बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी भर्तियों में मेरिट और आरक्षण नियमावली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, शुचितापूर्ण और समयबद्ध हो।
पीआरवी-112 सेवा की समीक्षा करते हुए उन्होंने वर्तमान औसत 6 मिनट के रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के निर्देश दिए। साथ ही पीआरवी वाहनों की रणनीतिक लोकेशन तय कर उनके सतत मूवमेंट पर जोर दिया, ताकि आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़े और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राजधानी के महत्वपूर्ण स्थलों—जन भवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय—पर लंबे समय से तैनात पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण के निर्देश दिए, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और नई ऊर्जा बनी रहे।
अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए ‘एक तहसील-एक फायर टेंडर’ योजना को लागू करने, प्रत्येक जनपद में हाइड्रोलिक फायर टेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सभी तहसीलों में फायर स्टेशन स्थापित करने पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कारागारों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था, पुलिस रेडियो में ई-ऑफिस लागू कर 75 जनपदों में डिजिटल सिस्टम सुदृढ़ करने तथा 7,500 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।




