12वीं पास हस्साम अहमद के झांसे में केजीएमयू की मेडिकल छात्राएं

Lucknow: 12वीं पास हस्साम अहमद के झांसे में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की मेडिकल स्टूटेंड इस कदर आ गयी जो उसके साथ दिल्ली तक जाने को तैयार हो गयी। आरोप है कि एक नहीं कई छात्राएं उसके बहकावे में आ चुकी थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब केजीएमयू के लेटर हेड का इस्तेमाल कर छात्रा को दिल्ली एम्स में 29 अप्रैल की मेडिकल कॉफ्रेस के लिए आमंत्रित किया गया।
लेटर संज्ञान में आने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी हस्साम को सर्जरी विभाग के पास से पकडक़र छानबीन की तो पता चला कि उसका काफी समय से केजीएमयू कैम्पस में आना-जाना था। वह खुद को डॉक्टर बताकर कैम्पस में घूमता था और छात्राओं को समझा-बुझाकर कर उन्हें मेडिकल कैम्प में ले जाता था, जहां कई मेडिकल कैम्प के नाम पर संदिग्ध गतिवधियां होती थी। उनका ब्रेनवॉश किया जाता था। केजीएमयू प्रवक्ता डा. के.के.सिंह (Dr K.K. Singh) ने प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि छात्राओं द्वारा ऐसे मेडिकल कैम्प में जानकारी मिलने के बाद वह स्वयं इस कैम्प में गये, जहां देखा कि केजीएमयू के कई स्टूटेंड कैम्प में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी तब मिली जब एमबीबीएस की एक स्टूडेंट ने एम्स दिल्ली होने वाली काफ्रेंस जाने की बात कही। आरोपी ने कॉफ्रेस में अमेरिकी डॉक्टर से मिलवाने का भी झांसा दिया। आरोप है कि वह हिन्दू मेडिकल स्टूडेंट्स को टारगेट कर उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहा था। आरोपी ब्रेनवॉश करने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करता था।

केजीएमयू का पूर्व पैरामेडिकल छात्र भी रैकेट में शामिल
केजीएमयू प्रशासन ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान आरोपी हम्मास को मीडिया के सामने पेश किया तो उसने बताया कि यहां के पूर्व पैरामेडिकल छात्र फैग अहमद मंसूरी ने उसे यहां की मेडिकल छात्राओं के नम्बर दिये थे और उन्हें ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए कहा था। उसने बताया कि वह काफी समय से यहां आता-जाता है, जिससे उसके सम्पर्क में कई अन्य छात्र-छात्राएं भी हैं। इस दौरान उसने अहमद अबू बकर, शादाब, आमिर, और अंशिका के नामों का भी खुलासा किया जो उसके साथ इसमें शामिल हैं।
केजीएमयू में पहले भी उठा चुका है लव जिहाद का मामला
केजीएमयू में लव जिहाद का मामला पहले भी उठ चुका है। दिसम्बर में यह खुलासा तब हुआ तब एक मेडिकल छात्रा ने अपने सहयोगी छात्र डा. रमीज मलिक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने व धर्मांतरण कराने की शिकायत की। छात्रा के आत्महत्या करने के प्रयास के बाद यह प्रकरण सामने आया था। केजीएमयू प्रशासन की ओर से आरोप छात्र डा. रजीम पर कार्रवाई न करने से नाराज छात्रा ने महिला आयोग और पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ तक प्रकरण पहुंचने के बाद आरोपी डा. रमीज को गिरफ्तार किया गया और प्रकरण की जांच हुई।




