एम्स नई दिल्ली में जीवनरक्षक ज्ञान पर आधारित पुस्तक ‘साथी हाथ बढ़ाना’ (Basic Life Support – BLS) का लोकार्पण

बेसिक लाइफ़ सपोर्ट को जनसुलभ बनाने के लिए एक अहम पहल की गई है। आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें सुनील यादव द्वारा लिखित पुस्तक “साथी हाथ बढ़ाना” (Basic Life Support – BLS) जनता को समर्पित की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति के सदस्य और लोकसभा सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने इस पुस्तक का लोकार्पण किया।
इस मौके पर डॉ. विनोद कुमार बिंद ने अपने संबोधन में BLS के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति को बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) की सही जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। यह पुस्तक न केवल स्वास्थ्य कर्मियों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी बेहद उपयोगी है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति आपातकालीन स्थिति में जीवन बचाने में सक्षम बन सकता है।”
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे हिंदीभाषी क्षेत्रों में ऐसी सरल पुस्तक की बहुत जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि पुस्तक के आगामी संस्करण को और अधिक सरल बनाया जाए, ताकि इसकी पहुँच और प्रभाव बढ़ सके।
पुस्तक के तकनीकी समीक्षक और एम्स में एडिशनल प्रोफेसर डॉ. हरलोकेश यादव ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा, “यह पुस्तक जीवनरक्षक तकनीकों को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। इसे विद्यालयों, महाविद्यालयों, जिम, प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।”
पुस्तक के लेखक सुनील यादव ने बताया कि यह पुस्तक द्विभाषी (हिंदी-अंग्रेजी) स्वरूप में तैयार की गई है। इससे विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए इसे समझना और उपयोग करना आसान हो गया है। “साथी हाथ बढ़ाना” समाज में आपातकालीन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य “हर हाथ मदद के लिए तैयार हो” के संकल्प को साकार करना है।
मेडिकल इमरजेंसी में ‘समय’ सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस पुस्तक का हर परिवार तक पहुँचना जरूरी है, जिससे समय रहते किसी की जान बचाई जा सके।
कार्यक्रम में एम्स के विभिन्न विभागों के प्रोफेसर और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक क्रांतिकारी प्रयास बताया। जल्द ही इस पुस्तक को विभिन्न महान विभूतियों और अलग-अलग राज्यों के संस्थानों द्वारा भी विमोचित किया जाएगा।




