विज्ञान की बुनियाद मजबूत करने बीआईएस (BIS) पहुंचा स्कूल
विज्ञान को समझने का नया माध्यम: चारबाग के ए.पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज में बीआईएस (BIS) का विशेष सत्र आयोजित

Lucknow: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के लर्निंग साइंस वाया स्टैंडर्ड प्रोग्राम (एलएसवीएस) के तहत गुरुवार को चारबाग स्थित ए.पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज में एक विशेष शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्राओं में विज्ञान की बेहतर समझ विकसित करना और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर बीआईएस (BIS) के डॉ. आकाश यादव ने विज्ञान को सरल और व्यवहारिक ढंग से समझाने के लिए ‘मानकों’ को माध्यम बनाया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि कैसे हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता मानकों के जरिए सुनिश्चित की जाती है।
इंटरैक्टिव गतिविधियों और उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने विज्ञान को रोचक और प्रासंगिक बनाने का प्रयास किया। डॉ यादव ने इसके साथ ही एलएसवीएस प्रोग्राम के तहत हर महीने आयोजित होने वाले क्विज प्रतियोगिता के बारे में भी बताया जिसमें हिस्से लेकर बच्चों को एक अच्छी खासी पुरस्कार राशि को जीतने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इस एलएसवीएस सेशन में बॉल पॉइंट पेन और फुटबॉल से जुड़े विज्ञान की समझ बच्चों के साथ साझा की गई।

कक्षा 9 से 12 तक की लगभग 115 विज्ञान विषय की छात्राओं ने इस सेशन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं ने प्रश्न पूछकर और संवाद के माध्यम से वैज्ञानिक सोच को और बेहतर समझने की कोशिश की।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बीआईएस (BIS) की मेंटर पूजा शर्मा और विद्यालय की प्राचार्या उषोशी घोष की सक्रिय भूमिका रही। दोनों ने न केवल आयोजन की रूपरेखा को मजबूती दी, बल्कि छात्राओं को विज्ञान के प्रति जिज्ञासु बनाने में भी प्रेरक भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने इस तरह के सत्रों को भविष्य में भी आयोजित किए जाने की मांग की, जिससे शिक्षा और मानकों के बीच की दूरी को कम किया जा सके।
यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देती है, बल्कि ‘विज्ञान से विकास’ की दिशा में एक सार्थक कदम भी साबित होती है।
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