opinion
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25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 : 21 महीने के आपातकाल के दंश की भयावह गाथा
आपातकाल (1975-77) भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे अंधकारमय अध्याय था। जानिए कैसे इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए…
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जब 37 दिनों तक 52 क्रांतिकारियों के शव बावनी इमली के पेड़ पर लटकते रहे
1857 की क्रांति में 52 वीरों को इमली के पेड़ पर फाँसी, 37 दिन तक लटके रहे शव। जानिए अमर…
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डॉ आम्बेडकर की दृष्टि में ‘हिन्दुत्व’
नीरज तिवारी भारत (Bharat) के प्रथम कानून मंत्री एवं संविधान सभा के अध्यक्ष बाबा साहब डॉ भीमराव आम्बेडकर (Dr Bhimrao…
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भारतीय सााहित्य के अनन्य उपासक रविन्द्र नाथ टैगोर
भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार संगीतकार, शिक्षाविद एवं दार्शनिक के रूप में जाने जाते…
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डॉ. पांडुरंग वामन काणे : भारतीय संस्कृति पर शोध कर पश्चिमी देशों को दिखाया आईना
वर्ष 1963 में भारत रत्न से सुशोभित डॉ. पांडुरंग वामन काणे का जन्म 7 मई, 1880 को रत्नागिरी के दापोली…
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सुभद्रा कुमारी चौहान: सादगी की साधिका
अपनी लेखनी से हिन्दी जगत का गौरव बढ़ाने वालीं कवियित्री सुभद्रा सिंह चौहान की भाषा सरल थी। यही कारण है…
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