NMOPS Protest: जंतर-मंतर पर गूंजी पुरानी पेंशन बहाली की मांग, विजय बंधु बोले- UPS मंजूर नहीं, OPS लेकर रहेंगे

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार (25 नवंबर, 2025) को पुरानी पेंशन बहाली (Old Pension Scheme – OPS) की मांग एक बार फिर जोर-शोर से गूंजी। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में देशभर के हजारों शिक्षक और कर्मचारियों ने हुंकार भरी। राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में न केवल OPS बहाली, बल्कि निजीकरण की समाप्ति और RTE लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर थोपी गई TET की अनिवार्यता को खत्म करने की भी मांग की गई।

प्रदर्शन में दिखा ‘पेंशन क्रांति’ का जोश

जंतर-मंतर पर आयोजित यह धरना (NMOPS Protest Jantar Mantar) पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा। देश के कोने-कोने से आए कर्मचारी हाथों में तिरंगा झंडा, बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे थे। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जहां कई मातृशक्तियां अपने छोटे बच्चों के साथ धरने पर डटी रहीं। प्रदर्शनकारियों ने सिर पर टोपी पहनकर और हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

UPS से काम नहीं चलेगा, OPS ही एकमात्र विकल्प: विजय बंधु

भीड़ को संबोधित करते हुए NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने केंद्र सरकार से दो टूक कहा कि कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा, “यह NMOPS के संघर्ष का ही परिणाम है कि राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसे चार राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हुई। 1 अक्टूबर 2023 को रामलीला मैदान में हुई ऐतिहासिक रैली ने केंद्र सरकार को NPS से पीछे हटकर UPS लाने पर मजबूर किया, लेकिन हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक हूबहू पुरानी पेंशन (OPS) बहाल नहीं हो जाती।” बंधु ने पैरामिलिट्री जवानों समेत सभी कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की वकालत की।

देश भर से आए कर्मचारियों ने लिया हिस्‍सा

97% कर्मचारियों ने नकारा UPS

संगठन के राष्ट्रीय महासचिव स्थित प्रज्ञा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि देशभर के कर्मचारियों में NPS और UPS को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि विरोध के चलते ही देश के लगभग 97% कर्मचारियों ने अब तक UPS का फॉर्म नहीं भरा है, जो सरकार की नई नीति के प्रति उनकी अस्वीकृति को दर्शाता है।

सांसद-विधायकों को पेंशन, तो कर्मचारियों को क्यों नहीं?

प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुखजीत सिंह ने OPS को कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा बताया। वहीं, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंदर धारीवाल ने सवाल उठाया कि जब सांसद और विधायक एक से अधिक पेंशन ले सकते हैं, तो जीवन भर सेवा देने वाले शिक्षक और कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है?

  

निजीकरण और TET के मुद्दे पर सरकार को घेरा

रेलवे से जुड़े राष्ट्रीय संयोजक अमरीक सिंह ने रेलवे में निजीकरण को तत्काल रोकने की मांग की। वहीं, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ-साथ निजीकरण बंद करना चाहिए और पुराने शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता को समाप्त करना चाहिए।

देश भर से आए कर्मचारियों को सम्‍बोधित करते विजय कुमार बंधु

PFRDA से पैसा वापस मांगे राज्य

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी प्रदीप ठाकुर और राष्ट्रीय सचिव डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने मांग उठाई कि जिन राज्यों में OPS बहाल हो चुकी है, वहां के कर्मचारियों का PFRDA के पास जमा NPS का पैसा केंद्र सरकार तुरंत वापस करे। उन्होंने संकल्प दोहराया कि NMOPS अंतिम सांस तक संघर्षरत रहेगा।

देशभर से जुटे दिग्गज नेता

इस धरने में देशभर के कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामानुजय पलेला,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वितेश खांडेकर, शांताराम तेजा,राष्ट्रीय सचिव डॉ नीरजपति त्रिपाठी, परमानंद डहेरिया,भारत शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक डिफेंस प्रेमसागर, राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी सैय्यद दानिश इमरान, प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली मनजीत राणा, प्रदेश महासचिव तेलंगाना कलवल श्रीकांत,प्रदेश महासचिव मध्य प्रदेश फारुख खान,प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान कोजाराम सियाग, रेलवे से सर्वजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जम्मू कश्मीर शेख अशरफ़,प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड जीतमणि पैन्यूली,प्रदेश अध्यक्ष उड़ीसा विजय मल्ल, अरुणाचल प्रदेश , गुजरात से पंकज सोलंकी, तमिलनाडु से अयोग्य दास सिलवा, कर्नाटक से संगना,प्रदेश अध्यक्ष सिक्किम पेमा भूटिया , राजेंद्र पाल,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महासंघ के अशोक कुमार,लोक निर्माण विभाग के भारत सिंह यादव, पंचायतीराज के रामेंद्र श्रीवास्तव, संदीप बडोला, लता सचान, राकेश कुमार यादव ल ०वि ०वि० कर्मचारी परिषद, संतोष तिवारी, डॉ महेंद्र यादव ,पैरामिलिट्री फोर्स के रणवीर सिंह समेत मध्य प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और सिक्किम समेत कई प्रदेशों के अध्यक्ष, महासचिव और सहयोगी संगठनों के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।

Exit mobile version