चयन वेतनमान न लगने पर 9 दिसंबर से धरना देगा जूनियर शिक्षक संघ

रायबरेली। चयन वेतनमान और विद्यालयों में व्याप्त परिवर्तन लागत की कमी की समस्या को लेकर जूनियर शिक्षक संघ ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को अगवत कराया है। अगर शिक्षकों का चयन वेतनमान और एमडीएम की परिवर्तन लागत नहीं भेजी जाती है तो फिर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के बैनर तले जिले के सैकड़ों शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के सामने नौ दिसंबर से अनिश्चतिकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।

जिलाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने बताया कि जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए स्पेशल भर्ती हुए गणित व विज्ञान के शिक्षक अपनी सेवा के दस वर्ष सितबंर महीने में ही पूरा कर चुके हैं। दस वर्ष की बेदाग सेवा पूरी होने पर विभाग की तरफ से शिक्षकों का चयन वेतनमान लगाया जाता है। शिक्षकों का चयन वेतनमान लगाने की प्रक्रिया खण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय से शुरू होती है और अंतिम स्वीकृत शिक्षकों के नियोक्ता जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को देनी होती है। जिले में इस भर्ती के करीब 450 शिक्षक है और लगभग सभी के चयन वेतनमान लगने की प्रक्रिया की शुरूआत खण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय से शुरू कराई जा चुकी हैं।

जिलाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने बताया कि खण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय से चयन वेतनमान की फाइलें जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में आ चुकी है। यहां पर भी खण्ड शिक्षाधिकारी मुख्यालय के स्तर से पटल सहायक के माध्यम से फाइलों का परीक्षण किया जा चुका है। लगभग सारी प्रक्रिया पूर्ण हो गई और अंतिम साइन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी का होना है, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से किसी भी शिक्षक के चयन वेतनमान में अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है। हम लोग शिक्षकों के साथ में अनवरत जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक अधिकारी हम लोगों की बातों पर गौर नहीं कर रहे हैं।

जिला संरक्षक समर बहादुर सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले में सैकड़ों विद्यालय के प्रधानाध्यापक अपनी जेब से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिड-डे मिल का भोजन बनावा रहे हैं। महीनों से उनके खाते में परिवर्तन लागत नहीं भेजी जा रही है या फिर उनको नामांकित छात्र संख्या से कम की ही परिवर्तन लागत भेजी जा रही है। बैंक खाते में बजट न उपलब्ध होने की वजह से उन्हें भोजन बनवाने में आर्थिक रूप से बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। उन्होंने बताया कि अनवरत हम लोग परिवर्तन लागत भेजे जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की तरफ से बजट का अभाव बताया जा रहा है। वहीं, कुछ विद्यालयों में उनके यहां की छात्र संख्या से ज्यादा पैसा भेजा रहा है। उन्होंने कहा वर्तमान में यह बहुत ही बड़ी समस्या शिक्षकों के साथ में हैं।

जिला महामंत्री सियाराम सोनकर ने बताया कि अगर शिक्षकों का चयन वेतनमान लगाने की प्रक्रिया जिला बेसिक शिक्षाधिकारी की तरफ से एक सप्ताह के अंदर नहीं शुरू की जाती है और विद्यालयों में परिवर्तन लागत की समस्या को दूर नहीं किया जाता है तो फिर हम लोगों की तरफ से 9 दिसंबर से जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन विद्यालय समय के बाद में दिया जाएगा।

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