राज्यसभा से वापसी की राह: सपा ने बागी विधायकों के लिए तय किया ‘क्रॉस वोटिंग का फॉर्मूला’
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने बागी विधायकों की पार्टी में वापसी को लेकर बड़ा और साफ संदेश दे दिया है। सपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि जो विधायक जिस रास्ते पार्टी से बाहर गए थे, उसी राजनीतिक रास्ते से वे दोबारा पार्टी में प्रवेश कर सकते हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पिछले राज्यसभा चुनाव में जिन बागी विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी, यदि वे आगामी राज्यसभा चुनाव में सपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान करते हैं, तो उनकी वापसी का रास्ता खुल जाएगा। इसके लिए न तो उनसे कोई सार्वजनिक माफीनामा लिया जाएगा और न ही कोई औपचारिक शर्त रखी जाएगी।
बताया जा रहा है कि सत्ताधारी दल में अपेक्षित महत्व न मिलने से सपा के कई बागी विधायक असहज महसूस कर रहे हैं। इनमें से एक-दो विधायक सपा नेतृत्व के संपर्क में भी आए हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर पार्टी की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वापसी के इच्छुक विधायकों को पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा (लॉयलिटी) व्यवहारिक रूप से साबित करनी होगी।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश कोटे की राज्यसभा की 10 सीटें इस वर्ष 25 नवंबर को रिक्त हो रही हैं, जिनके लिए उससे पहले चुनाव कराए जाएंगे। ऐसे में यह चुनाव सपा और उसके बागी विधायकों—दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। सियासी गलियारों में इसे ‘राज्यसभा से सपा में वापसी का टेस्ट’ माना जा रहा है।
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