अस्थमा पीड़ित महिलाएं न लगाएं झाड़ू, न दें सब्जी में तड़का : डॉ. सूर्य कान्त
World Asthma Day 2025

Lucknow: विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) के अवसर पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्य कान्त ने अस्थमा मरीजों के लिए खास सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्थमा पीड़ित महिलाओं को झाड़ू लगाने और सब्जी में तड़का लगाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि इससे निकलने वाला धुआं बीमारी को बढ़ा सकता है।
डॉ. सूर्य कान्त ने बताया कि इस वर्ष विश्व अस्थमा दिवस की थीम है – “Inhaler थैरेपी को सभी के लिए सुलभ बनाना”। उन्होंने कहा कि इन्हेलर थेरेपी अस्थमा के प्रबंधन में बेहद कारगर है और इससे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने जैसी गंभीर स्थिति से बचाया जा सकता है।
डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि भारत में करीब 3.5 करोड़ लोग और उत्तर प्रदेश में लगभग 60 लाख लोग अस्थमा से प्रभावित हैं। अस्थमा एक साँस संबंधी बीमारी है जिसमें श्वास नलियों में सूजन और संकुचन हो जाता है, जिससे साँस लेने में कठिनाई होती है।
डॉ. सूर्य कान्त के अनुसार, परागकण, धूल, धुआं, ठंडी हवा, जानवरों की रूसी, कॉस्मेटिक्स और डियोडरेंट जैसी चीजें अस्थमा को ट्रिगर कर सकती हैं। इसलिए मरीजों को इन चीजों से दूर रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अस्थमा पीड़ित महिलाएं घर में झाड़ू न लगाएं और न ही सब्जी में तड़का दें, क्योंकि इससे निकलने वाला धुआं फेफड़ों पर बहुत बुरा असर डालता है।” इसके अलावा उन्होंने फर वाले खिलौनों, पालतू जानवरों, सीलन और जालों से भी बचने की सलाह दी।
अस्थमा से बचाव के लिए डॉ. सूर्य कान्त ने दिए ये सुझाव:
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ट्रिगर करने वाली चीजों से बचें।
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संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
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हल्का व्यायाम करें।
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तनाव से दूर रहें और पूरी नींद लें।
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चिकित्सक की सलाह पर नियमित रूप से इन्हेलर और दवाएं लें।
डॉ. सूर्य कान्त पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एंड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी भी रह चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अस्थमा के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर इलाज लें।
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