KGMU कर्मचारी परिषद की कार्यकारिणी भंग, फर्जी दस्तावेजों के आरोप में निरस्त हुई कमेटी

केजीएमयू कर्मचारी परिषद (KGMU Employee Council) में नए चुनाव का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स (Firms, Societies and Chits) विभाग ने इस मामले में सख्त कदम उठाया है।
विभाग ने परिषद की मौजूदा कार्यकारिणी को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही, वर्ष 2024-25 की प्रबंध समिति की सूची को भी निरस्त कर दिया गया है। अब नियमों के तहत नए सिरे से चुनाव (Elections) कराए जाएंगे।
फर्जी दस्तावेजों का हुआ था इस्तेमाल
फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार अवनीश कुमार सिंह ने यह सख्त आदेश जारी किया है। विभागीय जांच में कई गंभीर बातें सामने आई हैं। 24 मई 2024 को सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत प्रबंध समिति की एक सूची जमा की गई थी।
जांच में पाया गया कि इस सूची में अहम तथ्यों को छिपाया गया था। साथ ही, असत्य और फर्जी दस्तावेजों का भी सहारा लिया गया। इसी आधार पर विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सूची को निरस्त कर दिया है और वर्तमान प्रबंध समिति को अमान्य (कालातीत) घोषित कर दिया है।
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आपत्तियों के बाद जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
आदेश के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का काम शुरू हो गया है। 21 अगस्त 2024 तक प्राप्त 2,153 सदस्यों की लिस्ट को अनंतिम (Provisional) सदस्य सूची मानकर सार्वजनिक कर दिया गया है।
फिलहाल इस सूची पर संबंधित पक्षों से आपत्तियां मांगी गई हैं। इन आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित की जाएगी।
वोटर लिस्ट जारी होने के तुरंत बाद कर्मचारी परिषद के चुनाव कार्यक्रम (Election Schedule) और मतदान की तिथियों का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। विभाग के इस बड़े फैसले के बाद केजीएमयू में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।




