रोबोट से किया गया बच्चे के हार्निया का आपरेशन

Lucknow: किंग जार्ज मेडिकल यूनिर्विसिटी (KGMU) में बच्चों की भी रोबोटिक सर्जरी शुरू हो गयी है। यहां पहली बार एक 7 साल के बच्चे के हार्निया का आपरेशन इसके जरिए किया गया। 16 फरवरी को सर्जरी के बाद से ही बच्चे की सेहत में तेजी से सुधार हुआ है और 23 फरवरी को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी।
पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डा. जे डी रावत (Dr. J D Rawat) ने बताया कि उन्नाव के धारवा निवासी सतीश कुमार के 7 वर्षीय पुत्र को बीते आठ माह से अण्डकोश में सूजन व दर्द की शिकायत दी। पिता ने बच्चे को स्थानीय स्तर पर कहीं डॉक्टरों को दिखाया लेकिन राहत नहीं मिली। बच्चे की तकलीफ बढ़ती देख वह उसे लेकर केजीएमयू पहुंचे, पीडियाट्रिक सर्जरी की ओपीडी दिखाया। जहां जांच में पता चला कि उसके दोनों अण्डकोश (Scrotum) में सूजन की वजह हार्निया है, जिसका एकमात्र इलाज आपरेशन ही है। बच्चे को भर्ती कर लिया गया और कुछ अन्य जांचों के बाद 16 फरवरी को उसकी रोबोटिक सर्जरी की गयी।
इसे भी पढ़ें: रायबरेली के खेत में मिला लावारिस नवजात शिशु, 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बचाई जान
डा. रावत ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से इतनी तेज रिकवरी हुई, कि बच्चा दूसरे दिन ही चलने लगा। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी की खास बात यही है कि इनमें चीर-फाड नहीं होती है और दर्द से मरीज को राहत रहती है। सामान्य सर्जरी में दो जगह चीरा लगाना पड़ता था। वहीं इसमें सिर्फ एक ही चीरा लगाने की जरूरत पड़ी। उन्होंने बताया कि आपरेशन के बाद बच्चा दूसरे दिन ही चलने लगा लेकिन उसे कुछ दिन डॉक्टरों की निगरानी में रखने के बाद 23 फरवरी को छुट्टी दे दी गयी। डा. रावत का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी से जितना मरीज को राहत होती है। उससे कहीं ज्यादा डाक्टरों को आपरेशन करने में सुविधा होती है। इससे सर्जरी की सफलता दर कहीं ज्यादा बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि अन्य अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी काफी महंगी है। केजीएमयू में यह सर्जरी 60 हजार रूपये में की गयी।
ऑपरेशन टीम शामिल
डॉ. जेडी रावत के नेतृत्व में इस सर्जरी में डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. प्रीति, डॉ. कृतिका, डॉ. विनीता सिंह और डॉ. नीलकमल शामिल रहे। नर्सिंग ऑफिसर संजय, रीता, रिंकेश और दीप्ति ने आपरेशन में सहयोग किया।




