खाटू श्याम लक्खी मेला चरम पर: तीन दिन में 4.10 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, डेढ़ किमी पैदल चलकर पहुंच रहे बाबा के दरबार

सीकर। राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में आयोजित वार्षिक लक्खी मेला पूरे शबाब पर है। 21 फरवरी से शुरू हुआ यह मेला 28 फरवरी को सूरजगढ़ का निशान चढ़ने के साथ संपन्न होगा। मंगलवार को मेले का चौथा दिन रहा, जहां देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु रींगस से पदयात्रा करते हुए जयकारों के साथ बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

श्री श्याम मंदिर कमेटी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार व्यवस्थाओं में जुटी है। कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रींगस से खाटूश्यामजी आने वाले पदयात्रियों के लिए बालू-मिट्टी बिछाकर उस पर कारपेट लगाया गया है, जिससे भक्तों को पैदल यात्रा में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

तीन दिन में 4.10 लाख से अधिक श्रद्धालु
मंदिर कमेटी के अनुसार अब तक तीन दिनों में कुल 4,10,316 श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन कर चुके हैं। 75 फीट लंबे रास्ते की 14 कतारों में लगाए गए अत्याधुनिक एआई कैमरों से श्रद्धालुओं की सटीक गणना की जा रही है। कमेटी का अनुमान है कि 26 फरवरी से भीड़ और अधिक बढ़ेगी।
विशेष श्रृंगार और सुगम दर्शन
आज बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार बंगाल और सूरत सहित विभिन्न स्थानों से मंगाए गए केसरिया और लाल रंग के फूलों से किया गया। फिलहाल भीड़ अपेक्षाकृत कम होने के कारण श्रद्धालुओं को तोरण द्वार से डेढ़ से दो किलोमीटर पैदल चलकर सहज रूप से दर्शन हो रहे हैं। जयपुर से 100 किलोमीटर पैदल आए एक परिवार ने बताया कि यात्रा और दर्शन में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
ड्रोन और सीसीटीवी से कड़ी निगरानी
मेले में सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की मदद के लिए सहायता डेस्क और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं, रींगस–खाटू मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात है।




