KGMU में 7 साल के बच्चे की सफल रोबोटिक सर्जरी, हर्निया के दर्द से मिली राहत

लखनऊ: राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने एक 7 वर्षीय बच्चे की सफल रोबोटिक सर्जरी कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। ‘लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया’ (Left Inguinal Hernia) से पीड़ित इस बच्चे का अत्याधुनिक तकनीक से इलाज किया गया, जिसके बाद वह अगले ही दिन उठकर चलने-फिरने लगा।
अन्य अस्पतालों में था महंगा इलाज, केजीएमयू में मिली राहत
कृष्णा नगर की एलडीए कॉलोनी (LDA Colony) निवासी 7 वर्षीय श्रेयांश यादव हर्निया की समस्या से काफी समय से परेशान था। बच्चे के माता-पिता इलाज के लिए कई अन्य अस्पतालों के चक्कर लगा चुके थे, लेकिन वहां अत्याधुनिक सुविधाओं का अभाव था और ओपन सर्जरी का खर्च भी काफी ज्यादा बताया जा रहा था। केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की ओपीडी (OPD) में जब बच्चे को दिखाया गया, तो प्रारंभिक जांच में बायीं तरफ अंडकोश में हर्निया की पुष्टि हुई, जिससे परिजन बेहद चिंतित थे।
रोबोटिक तकनीक से तेज रिकवरी और कम खर्च
बच्चे को 10 मार्च 2026 को अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों द्वारा रोबोटिक सर्जरी के फायदे बताने पर माता-पिता इसके लिए सहर्ष तैयार हो गए। 16 मार्च 2026 को डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। रोबोटिक तकनीक की वजह से बच्चे को बहुत कम दर्द हुआ और रिकवरी इतनी तेज रही कि उसे 18 मार्च 2026 को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया। खास बात यह है कि इस अत्याधुनिक सर्जरी में मरीज का कुल खर्च लगभग 60,000 रुपये आया, जो अन्य जगहों की तुलना में कई गुना कम है। यह पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग द्वारा की गई दूसरी रोबोटिक सर्जरी है।
इन डॉक्टरों की टीम ने किया कमाल
इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने वाली सर्जिकल टीम में विभागाध्यक्ष प्रो. जे. डी. रावत, प्रो. आनंद पाण्डेय, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. मनीष राजपूत और डॉ. अमोल अग्रवाल शामिल थे। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. विनीता सिंह और डॉ. नीलकमल की टीम ने संभाली। इस महत्वपूर्ण सर्जरी में नर्सिंग ऑफिसर रीता, संजय और आकाश बाबू ने भी अहम सहयोग दिया।
बच्चों के लिए वरदान बनेगी यह तकनीक
विभागध्यक्ष प्रो. जेडी रावत का कहना है कि इस दूसरी सफल रोबोटिक सर्जरी के बाद अब बच्चों की अन्य बीमारियों का इलाज भी इसी अत्याधुनिक तकनीक से किया जाएगा। इससे वयस्क मरीजों की तरह बच्चों को भी ऑपरेशन के बाद तेज रिकवरी का लाभ मिल सकेगा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इस शानदार सफलता पर पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।




