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India Digital Census 2027: घर बैठे खुद से करें अपनी जनगणना, जानें Self Enumeration पोर्टल, ऐप और आसान ऑनलाइन प्रोसेस

लखनऊ: भारत के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना (Digital Census India) की शुरुआत हो चुकी है। 1 अप्रैल 2026 से जनगणना का पहला चरण यानी मकान सूचीकरण (House Listing) शुरू हो चुका है। इस बार सबसे बड़ी और राहत देने वाली बात यह है कि आपको अपने घर पर जनगणना कर्मचारी (Enumerator) के आकर लंबे-चौड़े फॉर्म भरने का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ (Self Enumeration) का विकल्प दिया है। इसका मतलब है कि अब आप घर बैठे अपने मोबाइल ऐप या पोर्टल के ज़रिए अपने परिवार का पूरा ब्यौरा खुद डिजिटल रूप में दर्ज कर सकते हैं।

आइए आपको इस पूरी प्रक्रिया की आसान, सटीक और गूगल के मानकों के अनुरूप जानकारी देते हैं ताकि आप बिना किसी परेशानी के अपनी जनगणना खुद कर सकें।

Self Enumeration क्या है और इसकी तारीखें क्या हैं?

सेल्फ एन्यूमरेशन का सीधा सा अर्थ है स्वयं अपनी गणना करना। भारत की डिजिटल जनगणना 2026-27 का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक अलग-अलग राज्यों में चलेगा। आपके राज्य या शहर में घर-घर सर्वे शुरू होने से ठीक 15 दिन पहले आपके लिए ऑनलाइन ‘सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल’ खोल दिया जाता है। उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश जैसे जिन राज्यों में फिजिकल सर्वे 16 अप्रैल से शुरू हो रहा है, वहां यह पोर्टल नागरिकों के लिए पहले ही एक्टिव हो चुका है।

ज़रूरी पोर्टल और ऐप के लिंक्स (Portal and App Links)

अपना ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज करने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने बेहद सुरक्षित डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किए हैं:

  • Self Enumeration Portal: se.census.gov.in (इस सीधे लिंक पर जाकर आप अपना डेटा भर सकते हैं)

  • आधिकारिक वेबसाइट: censusindia.gov.in (यहां से आप अपने राज्य का पूरा शेड्यूल और अन्य गाइडलाइन्स चेक कर सकते हैं)

नोट: यह पोर्टल और मोबाइल ऐप हिंदी, अंग्रेजी सहित कुल 16 क्षेत्रीय भाषाओं में काम करता है, जिससे भाषा की कोई बाधा नहीं आती।

अपनी जनगणना खुद कैसे करें? (Step-by-Step Online Process)

ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए मात्र 15 से 20 मिनट में आप यह काम आसानी से पूरा कर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया बेहद सरल और यूजर-फ्रेंडली रखी गई है:

  1. पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के ब्राउजर में se.census.gov.in टाइप करके पोर्टल ओपन करें।

  2. रजिस्ट्रेशन करें: होमपेज पर अपना राज्य या केंद्र शासित प्रदेश चुनें। इसके बाद परिवार के मुखिया का नाम और उनका चालू मोबाइल नंबर डालकर भाषा चुनें। मोबाइल पर आए OTP के ज़रिए खुद को वेरिफाई करें।

  3. लोकेशन दर्ज करें: आपको अपना वर्तमान पता (जिला, शहर/गांव, मोहल्ला और लैंडमार्क) भरना होगा। पोर्टल में एक डिजिटल मैप (Map) खुलेगा, जिस पर आपको अपने घर की सटीक लोकेशन पिन करनी होगी। इसे ‘Save and Next’ करें।

  4. प्रश्नावली (Questionnaire) भरें: अब आपके सामने पहले चरण के 33 सवालों की सूची आएगी। इसमें मकान की स्थिति, घर में मौजूद डिजिटल व अन्य सुविधाओं और परिवार से जुड़ी बेसिक जानकारियां देनी होंगी।

  5. SE ID प्राप्त करें: सभी जानकारियां सही-सही भरने के बाद फॉर्म को ‘Final Submit’ कर दें। सबमिट करते ही स्क्रीन पर और आपके मोबाइल पर SMS के ज़रिए 16 अंकों का एक यूनीक Self-Enumeration ID (SE ID) आ जाएगा।

जब जनगणना कर्मचारी (प्रगणक) वेरिफिकेशन या डेटा कलेक्शन के लिए आपके घर पहुंचेंगे, तो आपको बस अपना यह 16 अंकों का ‘SE ID’ उन्हें दिखाना होगा। कर्मचारी अपने मोबाइल ऐप में यह ID डालेंगे और आपका भरा हुआ सारा डेटा सिंक हो जाएगा। इससे समय की भारी बचत होगी और आपके आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

नागरिक मोबाइल से कैसे करें इस्तेमाल?

  • आपको बस अपने स्मार्टफोन के इंटरनेट ब्राउज़र (जैसे- Google Chrome, Safari या Firefox) को खोलना है।

  • वहां आधिकारिक एड्रेस se.census.gov.in टाइप करना है।

  • यह पोर्टल इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि मोबाइल स्क्रीन पर खुलते ही यह बिल्कुल एक आधुनिक ऐप की तरह काम करता है। यहीं से आप अपना और अपने परिवार का पूरा ब्यौरा दर्ज करके 16 अंकों का SE ID प्राप्त कर सकते हैं।

सरकारी कर्मचारियों के लिए ऐप: Census HLO App

जिस मोबाइल ऐप की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह दरअसल आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों (प्रगणकों और सुपरवाइजरों) के लिए बनाया गया है। इस ऐप का नाम Census HLO App (House Listing Operations App) है।

यह ऐप कैसे काम करता है?

  1. सुरक्षित लॉगिन: जब सरकारी कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो उनके स्मार्टफोन या टैबलेट में यह विशेष ऐप इंस्टॉल होगा। इसे केवल अधिकृत कर्मचारी ही अपने सुरक्षित क्रेडेंशियल्स के साथ लॉगिन कर सकते हैं।

  2. SE ID का इस्तेमाल: अगर आपने पोर्टल (se.census.gov.in) पर जाकर अपना फॉर्म पहले ही भर लिया है, तो आपको बस अपना 16 अंकों का ‘SE ID’ उस कर्मचारी को बताना होगा। कर्मचारी वह ID अपने HLO App में दर्ज करेगा और आपका सारा डेटा सरकारी सर्वर पर सुरक्षित रूप से सिंक हो जाएगा।

  3. ऑफलाइन मोड की सुविधा: भारत के दूरदराज के इलाकों जहां इंटरनेट की समस्या है, वहां भी यह ऐप काम करता है। कर्मचारी ऑफलाइन मोड में डेटा सेव कर सकते हैं और नेटवर्क एरिया में आते ही डेटा अपने आप सर्वर पर अपलोड हो जाता है।

  4. जिओ-टैगिंग (Geo-Tagging): यह ऐप जीपीएस (GPS) से लैस है। कर्मचारी जब आपके घर का डेटा ऐप में भरेंगे, तो घर की सटीक लोकेशन (अक्षांश और देशांतर) भी ऐप के ज़रिए दर्ज हो जाएगी, जिससे डेटा की सटीकता और प्रामाणिकता बनी रहेगी।

इस पूरी डिजिटल प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य कागज़ी कार्यवाही को खत्म करना, समय बचाना और भारत के जनसांख्यिकीय आंकड़ों को पूरी तरह सुरक्षित और रियल-टाइम में अपडेट करना है। आम नागरिक सिर्फ वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल करें और ऐप का काम सिर्फ कर्मचारियों पर छोड़ दें।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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