लखनऊ में पार्थ इंफ्राबिल्ट के खिलाफ सड़क पर उतरे खरीदार, 10 साल से फ्लैट का इंतजार, साइट ऑफिस पर किया प्रदर्शन

लखनऊ: राजधानी के सरोजनी नगर इलाके में सपनों का आशियाना छिन जाने के डर से रविवार को सैकड़ों खरीदार सड़क पर उतर आए। मीरानपुर पिनवट स्थित ‘पार्थ इंफ्राबिल्ट’ कंपनी के साइट कार्यालय के बाहर निवेशकों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। महिलाओं और बच्चों के साथ पहुंचे आवंटियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि वर्षों पहले लॉटरी के जरिए फ्लैट का आवंटन होने और पूरी कीमत चुकाने के बावजूद, उन्हें अब तक कब्जा नहीं दिया गया है।
10 साल से इंतजार, ईएमआई और किराये की दोहरी मार
आक्रोशित निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने साल 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य प्रोजेक्ट्स के तहत फ्लैट आवंटित किए थे। उस समय आवंटियों से फ्लैट की पूरी कीमत भी वसूल ली गई थी। अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए कई लोगों ने बैंक से भारी-भरकम लोन लेकर बिल्डर को भुगतान किया था। लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी कंपनी फ्लैट विकसित कर सौंपने में पूरी तरह नाकाम रही है। नतीजा यह है कि आज निवेशक बैंक की ईएमआई और घर के किराये की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं।

साइट ऑफिस पर नहीं मिला कोई जिम्मेदार
रविवार को अपनी खून-पसीने की कमाई का हिसाब मांगने और हक की आवाज उठाने जब दर्जनों खरीदार साइट कार्यालय पहुंचे, तो वहां कंपनी का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। खाली ऑफिस देखकर लोगों का गुस्सा भड़क गया। इसके बाद खरीदारों ने एकजुट होकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से कंपनी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन प्रबंधन न तो उनकी सुनवाई कर रहा है और न ही कोई स्पष्ट जवाब दे रहा है।

सीएम योगी से लगाई न्याय की गुहार
प्रदर्शन के दौरान आवंटियों ने प्रोजेक्ट प्रबंधन समिति से तत्काल फ्लैट का कब्जा दिलाने की मांग की है। खरीदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, परेशान निवेशकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने और धोखाधड़ी करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।




