लखनऊ: राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) ने गुरुवार को रोगी सुरक्षा और स्वच्छता के मामले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय में प्रदेश के राजकीय क्षेत्र (Government Sector) के पहले ‘मॉडर्न बैरियर लॉन्ड्री प्लांट’ (Modern Barrier Laundry Plant) का भव्य उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सोनिया नित्यानंद (पद्मश्री – 2025) द्वारा किया गया। यह प्लांट अस्पताल में फैलने वाले संक्रमण को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा।
यूपी के सरकारी क्षेत्र का पहला प्लांट यह परियोजना न केवल केजीएमयू बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। यह यूपी के किसी भी राजकीय चिकित्सा संस्थान में स्थापित अपनी तरह का पहला और एकमात्र अत्याधुनिक ‘बैरियर तकनीक’ आधारित लॉन्ड्री प्लांट है। इसमें लगी मशीनें विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप हैं।
कैसे काम करती है ‘बैरियर लॉन्ड्री’ तकनीक?
सामान्य लॉन्ड्री और इस नई बैरियर लॉन्ड्री में बड़ा अंतर है। यह तकनीक अस्पताल जनित संक्रमण (Hospital Acquired Infection – HAI) को रोकने में बेहद कारगर मानी जाती है।
अभेद्य दीवार (Physical Barrier): इस सिस्टम में संक्रमित कपड़ों (Dirty Zone) और धुले हुए स्वच्छ कपड़ों (Clean Zone) के बीच एक फिजिकल बैरियर यानी दीवार होती है।
शून्य क्रॉस-कन्टेमिनेशन: गंदे और साफ कपड़ों का रास्ता पूरी तरह अलग होने से कीटाणुओं के एक-दूसरे में मिलने (Cross-contamination) की संभावना खत्म हो जाती है।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस हाईटेक प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने और सफल बनाने में विश्वविद्यालय प्रशासन ने एकजुट होकर कार्य किया। कुलसचिव अर्चना गहरवार (IAS), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. बी.के. ओझा, चिकित्सा अधीक्षक (MS) डॉ. सुरेश कुमार और नोडल अधिकारी डॉ. प्रज्ञा पांडेय के कुशल निर्देशन और लगातार प्रयासों से यह अत्याधुनिक प्लांट तैयार हो सका है।
इस नई सुविधा के शुरू होने से केजीएमयू में भर्ती मरीजों को अब और भी बेहतर और संक्रमण मुक्त कपड़े व लिनेन उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी रिकवरी में मदद मिलेगी।
