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यूपी के मेडिकल कॉलेजों में 70% SC-ST आरक्षण बहाल करने की मांग को लेकर विशाल प्रदर्शन

लखनऊ, 10 अगस्त। उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में रविवार को एक विशाल प्रदर्शन हुआ। यहां मेडिकल छात्रों के साथ कई सामाजिक और चिकित्सक संगठनों ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पूर्व लागू 70 प्रतिशत विशेष आरक्षण व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग की। यह आरक्षण स्पेशल कम्पोनेंट प्लान (SCP) और ट्राइबल सब प्लान (TSP) के तहत दिया जाता था। उनका मुख्य मुद्दा यूपी के चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण व्यवस्था से जुड़ा था।

डॉ. आंबेडकर डॉक्टर्स एसोसिएशन, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति और SFI समेत कई संगठनों ने इस प्रदर्शन का आह्वान किया था।

इन 4 मेडिकल कॉलेजों का है मामला

यह विवाद उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों से जुड़ा है। ये कॉलेज अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर में स्थित हैं। यहां पहले अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए 70 फीसदी सीटें आरक्षित थीं।

‘सामाजिक न्याय का उद्देश्य खत्म न हो’

प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर देवांश देव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना विशेष घटक योजना (SCP) एवं जनजातीय उपयोजना (TSP) के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई विशेष निधियों के उद्देश्य से जुड़ी हुई है। ऐसे में इन संस्थानों की विशेष प्रकृति और इनके मूल सामाजिक न्याय के उद्देश्य को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों के हित में तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

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वहीं, डॉक्टर अरुण ने संविधान की सामाजिक न्याय की भावना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में सामाजिक रूप से वंचित समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना संविधान की सामाजिक न्याय की भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने मांग की कि पूर्व में लागू विशेष प्रवेश व्यवस्था को पुनः बहाल किया जाए और इसे भविष्य में कानूनी विवादों से सुरक्षित रखने के लिए उचित विधायी प्रावधान किए जाएँ।

Medicos protest reservation sc st Uttar Pradesh medical college 1

सुप्रीम कोर्ट में अपील करे सरकार

SFI के राज्य सचिव अब्दुल वहाब ने हाईकोर्ट के हालिया निर्णय पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न स्थिति से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में प्रभावी कानूनी पैरवी करे तथा आवश्यकता पड़ने पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अपील दाखिल की जाए।

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के एम.पी. सिंह ने छात्रों के भविष्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आ जाता, तब तक एक अंतरिम व्यवस्था बननी चाहिए। इससे किसी भी छात्र का शैक्षणिक नुकसान नहीं होगा।

डॉ हिमांशु सरोज ने भी अपने संबोधन में कहा कि यह केवल आरक्षण या प्रवेश व्यवस्था का प्रश्न नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान के अनुच्छेद 15(4), 15(5) एवं 46 की भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि SCP एवं TSP के अंतर्गत स्थापित संस्थानों की विशिष्ट प्रकृति और उद्देश्य को बनाए रखने के लिए सरकार को स्पष्ट नीति एवं आवश्यक वैधानिक प्रावधान करने चाहिए।

Medicos reservation medical colleges protest

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प्रदर्शनकारियों की 5 प्रमुख मांगें:

  1. अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर मेडिकल कॉलेजों में SC/ST छात्रों के लिए 70% विशेष आरक्षण फिर लागू हो।
  2. इस पूरी व्यवस्था को वैधानिक और संवैधानिक संरक्षण दिया जाए।
  3. हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी अपील करे।
  4. अंतिम न्यायिक फैसला आने तक छात्रों के हितों की रक्षा के लिए अंतरिम व्यवस्था हो।
  5. SCP और TSP के तहत बने संस्थानों की विशिष्ट प्रकृति बचाने के लिए अलग नीति बने।

संगठनों ने चेतावनी दी है कि वंचित समुदायों के शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

Medicos protest reservation sc st Uttar Pradesh medical college 4

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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