पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण की समाप्ति, और RTE से पहले TET अनिवार्यता के विरोध में 25 सितंबर को लखनऊ में अटेवा की महारैली

लखनऊ। पुरानी पेंशन बहाली (OPS), सरकारी विभागों में निजीकरण की समाप्ति और आरटीई (RTE) से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी (TET) अनिवार्यता खत्म करने की मांगों को लेकर अटेवा 25 सितंबर 2026 को राजधानी लखनऊ में महारैली का आयोजन करेगा। अटेवा पेंशन बचाओ मंच और ‘नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम’ (NMOPS) के बैनर तले आयोजित होने वाली इस रैली के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों की ओर खींचा जाएगा।
एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटेवा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष विजय कुमार ‘बन्धु’ ने कहा कि संगठन विगत 13-14 वर्षों से पुरानी पेंशन और निजीकरण के खिलाफ लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठा रहा है। पूर्व के संघर्षों से राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब में पुरानी पेंशन बहाल हुई है। उन्होंने कहा कि जब छोटे राज्य अपने कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा दे सकते हैं, तो उत्तर प्रदेश भी अपने कार्मिकों के लिए यह व्यवस्था लागू करने में सक्षम है।
विजय बन्धु ने वर्तमान पेंशन व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि नई पेंशन व्यवस्था (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 96 प्रतिशत कर्मचारियों ने यूपीएस को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद रहते हुए पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में तत्कालीन प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, इसलिए प्रदेश के कर्मचारियों को उनसे काफी उम्मीदें हैं।
सरकारी विभागों में बढ़ते निजीकरण पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार का गहरा संकट खड़ा करेगी और इससे देश के संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इसके साथ ही, आरटीई कानून लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा अनिवार्य किए जाने का भी संगठन ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के समय जो नियम अस्तित्व में ही नहीं थे, उन्हें पूर्व-प्रभाव से थोपना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इसे वापस न लिए जाने पर भविष्य में अन्य विभागों में भी ऐसे मनमाने नियम लागू होने का खतरा बना रहेगा।
अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने सभी शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी संगठनों से 25 सितंबर की रैली में शामिल होकर समर्थन देने की अपील की है। मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि रैली की सफलता के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें कर्मचारियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इससे पूर्व संगठन ने 21 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर तिरंगा यात्रा निकाल कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई थी।
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