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गोंडा महायोजना-2031 को मिली मंजूरी, शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा

Gonda: गोंडा शहर के विकास को एक नई दिशा मिल गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने गोंडा महायोजना–2031 को स्वीकृति दे दी है, जिससे शहर को व्यवस्थित, आधुनिक और सुविधा-संपन्न स्वरूप देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह योजना गोंडा को स्मार्ट सिटी बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है।

इस योजना के तहत पार्किंग की समस्या, ट्रैफिक जाम, अव्यवस्थित बसावट जैसे मुद्दों को सुलझाने के साथ-साथ नई आवासीय कालोनियों, सड़कों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सुविधाओं का नियोजित विकास किया जाएगा। गोंडा जिला प्रशासन ने जीआईएस (ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम) आधारित इस महायोजना को लागू कर दिया है।

महायोजना-2031 की विस्तृत जानकारी गोंडा जिले की आधिकारिक वेबसाइटgonda.nic.in पर उपलब्ध है।

देश की 500 शहरों में गोंडा भी शामिल

भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही अमृत योजना के तहत गोंडा को देश के 500 विकसित किए जा रहे शहरों में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश की 59 महायोजनाओं में गोंडा भी एक अहम नाम है।

शहर की बढ़ती आबादी और विस्तार के मद्देनज़र संसाधनों के दबाव को देखते हुए इस महायोजना की रूपरेखा तैयार की गई। पहली बार सेटेलाइट इमेज की सहायता से बेस मैप तैयार किया गया, जिसमें इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का तकनीकी सहयोग लिया गया।

विकास की दिशा होगी तय

गोंडा महायोजना-2031 के अंतर्गत तय किया गया है कि नगर का विकास सुनियोजित ढंग से हो। आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक क्षेत्रों, बाजारों, अस्पतालों, स्कूलों, सरकारी कार्यालयों आदि के लिए स्थान पूर्व निर्धारित किए गए हैं।

विनियमित क्षेत्र गोंडा की अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी ने बताया कि योजना तैयार करने से पहले नगर की वर्तमान स्थिति का सर्वेक्षण और विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर विकास की नीतियाँ बनाई गईं। आमजन, जनप्रतिनिधियों और सरकारी व अर्ध-सरकारी संस्थानों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक संशोधन करते हुए यह योजना अंतिम रूप में तैयार की गई है।

इन गांवों को मिली योजना में जगह:

खेड़ा, रानीजोट, सेमटा दामन, दुल्लापुर खालसा, विमोर, रुद्रपुर विसाइन, केशवपुर कड़वा, पठवलिया, पराई हेमराज, कलन्दपुर, कसीपुर, राजापुर, हरिपुर, मथुरा चौबे, परइत सरकार, जानकी नगर, इमलिया गुरुदयाल, बरगांव, भूरा देवर, भामनी कानूनगो, देवरिया चुरामन, सोनी कपूर, गिराड गोंडा, पूरैशिवा मकटवार, छावनी सरकार, काठा माफी, छांजरी, खिरमा, उम्मेदपुर जोट, लक्ष्मण पुर, मंझवा, सेनी हटलाल, उम्दापुर पाड़ा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र योजना में शामिल किए गए हैं।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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