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लखनऊ के कैंसर संस्थान का कमाल: 16 साल के किशोर को दी नई जिंदगी, 8 घंटे चली दिमाग की जटिल सर्जरी

लखनऊ. चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान ने चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक जटिल ऑपरेशन कर 16 साल के किशोर को नई जिंदगी दी है। किशोर के दिमाग में ब्रेनस्टेम ट्यूमर पनप रहा था। डॉक्टरों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से इस ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया है। ऑपरेशन के बाद अब मरीज पूरी तरह से सेहतमंद है।

कई अस्पतालों ने कर दिया था मना

मरीज का नाम अनिकेत गुप्ता (16) है। वह कुंडा का रहने वाला है। अनिकेत को आंखों में टेढ़ापन और चेहरे के तिरछेपन की गंभीर समस्या थी। उसे खाना निगलने में काफी दिक्कत हो रही थी। उसके हाथ-पैरों में भी कमजोरी आ गई थी। परेशान परिवारीजनों ने कई बड़े संस्थानों में उसे दिखाया। वहां इलाज से कोई फायदा नहीं हुआ। कई डॉक्टरों ने इस जटिल ऑपरेशन को करने से भी मना कर दिया।

कैंसर संस्थान में दिखा चमत्कार

हारकर परिवार वाले अनिकेत को कल्याण सिंह कैंसर संस्थान लेकर पहुंचे। यहां 29 जून को उसे भर्ती किया गया। संस्थान के सीएमएस और न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र कुमार के निर्देशन में केस लिया गया। जरूरी जांचों में ब्रेनस्टेम ट्यूमर की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने परिवार की सहमति से ऑपरेशन का फैसला किया।

कोमा में जा सकता था मरीज

डॉ. विजेंद्र ने बताया कि ब्रेनस्टेम दिमाग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह पूरे शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। यहीं से निकलने वाली बेहद महीन नसें शरीर के विभिन्न अंगों तक संदेश पहुंचाती हैं। इस जगह ट्यूमर होने पर काफी गंभीर लक्षण दिखते हैं। अगर समय पर सही इलाज न मिले, तो मरीज कोमा में भी जा सकता है।

8 घंटे चला ऑपरेशन, बाल जैसी नसों को बचाया

यह सर्जरी न्यूरोसर्जरी की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है। इसमें थोड़ी सी चूक भी जानलेवा या स्थायी दिव्यांगता का कारण बन सकती है। यह सर्जरी करीब आठ घंटे तक चली। इसमें लगभग तीन करोड़ रुपये कीमत के अत्याधुनिक न्यूरोनेविगेशन सिस्टम का उपयोग किया गया। इसके अलावा पांच करोड़ रुपये वाले अत्याधुनिक न्यूरोसर्जिकल ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और लेटेस्ट नर्व मॉनिटरिंग सिस्टम की भी मदद ली गई। इन उपकरणों की मदद से बाल जैसी महीन नसों को सुरक्षित रखते हुए ट्यूमर को पूरी तरह निकाल दिया गया।

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