
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए जीवनरक्षक बनकर आने वाले 108, 102 एम्बुलेंस सेवाओं के कर्मचारियों को मंगलवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। सेवा प्रदाता संस्था ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज की ओर से आयोजित समारोह में निदेशक कृष्णम राजू और प्रेसिडेंट टीवीएसके रेड्डी ने इन “असली हीरोज” को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और चेक देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस मौके पर इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन (EMT), एम्बुलेंस पायलट, एचबीई (HBE), इमरजेंसी रिस्पांस ऑफिसर (ERO) सहित अन्य कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 108, 102 व 1962 सेवाओं का संचालन ईएमआरआई ग्रीन सर्विसेज द्वारा किया जा रहा है एवं लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
“मानव सेवा ही माधव सेवा” के सिद्धांत पर कार्य
इस मौके पर संस्था के प्रेसिडेंट टीवीएसके रेड्डी ने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ईएमआरआई का मूल सिद्धांत “मानव सेवा ही माधव सेवा” है। इसका अर्थ है कि निस्वार्थ भाव से मनुष्य की सेवा करना ही वास्तव में ईश्वर की सेवा है, और संस्था इसी मार्ग का अनुसरण करती है।

उन्होंने कहा कि संस्था ने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2012 में सेवाएं शुरू की गई थीं। हम राज्य सरकार के सहायोग से निरंतर सेवाओं को बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं, आज संस्था को जनता से बेहद सकारात्मक फीडबैक मिल रहा है। जिसका मुख्य कारण कर्मचारियों द्वारा दी जा रही प्रोटोकॉल आधारित सेवाएं हैं। आप लोगों की सेवाओं का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में एंबुलेंस सेवाएं का रिस्पांस टाइम और क्वालिटी सर्विस के मामले सबसे बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि हमें लोगों को क्वालिटी सर्विसेज उपलब्ध कराने के साथ ही सुनिश्चित करना है कि हर जरूरतमंद को समय पर एंबुलेंस सेवा मिले।
टीवीएसके रेड्डी ने कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों, सड़क दुर्घटना और आग लगने जैसी गंभीर दुर्घटनाओं के दौरान आप सभी के द्वारा बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं को दी जा रही विशेष सेवाओं के कारण ही प्रदेश में मातृ और शिशु मृत्यु दर (MMR & IMR) में काफी कमी आई है। यह सभी कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है।
34 एम्बुलेंस से शुरू होकर बनी विश्व की सबसे बड़ी सेवा
इस अवसर पर ईएमआरआई के निदेशक कृष्णम राजू ने संस्था के विस्तार और विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 2005 में यह संस्था मात्र 34 एम्बुलेंस के साथ शुरू हुई थी। वर्तमान में संस्था देश के 19 राज्यों में कार्यरत है और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत लगभग 22,000 वाहनों का संचालन कर रही है। साथ ही प्रतिदिन 1 लाख 70 हजार से अधिक लोगों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान कर रही है, जो इसे विश्व की सबसे बड़ी एम्बुलेंस सेवा बनाती है।

108 और 102 के अलावा, संस्था अब ट्रॉमा केयर, बाइक एम्बुलेंस, बोट एम्बुलेंस, नवजात शिशुओं (नियोनेटल) के लिए विशेष वाहन, कार्डियक एम्बुलेंस और 1962 एनिमल केयर एम्बुलेंस जैसी विशिष्ट सेवाएं भी सफलतापूर्वक संचालित कर रही है।
इस मौके पर एचआर हेड राजकमल राय, देबज्योति कांजीलाल, सौरव टंडन, एसपी सिंह, विनीत जायसवाल, विकासमणि त्रिपाठी, मिथलेश त्रिपाठी, आसिफ इकबाल खान, राजीव कुमार सोमबंशी, धर्मपाल सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

इन्हें भी मिला सम्मान

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