KGMU में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान: डॉ. सूर्यकान्त बोले- “पौधे सिर्फ़ प्लांट नहीं, ऑक्सीजन प्लांट हैं”

लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के मौके पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में एक खास पहल की गई। यहां के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सूर्यकान्त ने किया।
उन्होंने बताया कि “एक पेड़ माँ के नाम” भारत सरकार का एक बड़ा जन-अभियान है। इसका मकसद सिर्फ पेड़ लगाना नहीं है। यह लोगों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण को बचाने की एक भावनात्मक पहल है। इससे जलवायु परिवर्तन के बुरे असर को कम किया जा सकेगा।
स्वच्छ हवा के बिना तीन मिनट भी जीना मुश्किल
डॉ. सूर्यकान्त ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पेड़ प्राकृतिक संतुलन और इंसान की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं। इंसान बिना भोजन के तीन हफ्ते रह सकता है। बिना पानी के तीन दिन काट सकता है। लेकिन स्वच्छ हवा के बिना तीन मिनट भी जिंदा नहीं रह सकता।
एक इंसान दिन भर में करीब 25 हजार बार सांस लेता है। उसके फेफड़ों से 10 हजार लीटर हवा गुजरती है। इससे हमें रोज 500 लीटर ऑक्सीजन मिलती है। यही ऑक्सीजन हमें जिंदा रखती है और काम करने की ताकत देती है। हवा की गुणवत्ता का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है।
पौधे ही हमारे असली ऑक्सीजन प्लांट
डॉ. सूर्यकान्त ने एक बेहद अहम बात कही। उन्होंने कहा, “पौधे सिर्फ़ प्लांट नहीं हैं, बल्कि ये हमारे लिए ऑक्सीजन प्लांट हैं।” पौधे हमें जिंदगी भर मुफ्त में ऑक्सीजन देते हैं। पेड़ लगाना सिर्फ पर्यावरण बचाने का काम नहीं है। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों की सेहत के लिए एक बड़ा निवेश है।
आज के समय में प्रदूषण बहुत तेजी से बढ़ा है। औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और गाड़ियों के धुएं ने हवा को जहरीला बना दिया है। प्लास्टिक प्रदूषण ने भी हालात बिगाड़े हैं। इस वजह से सांस की बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं।
प्रकृति के पास है हर समस्या का समाधान
डॉ. सूर्यकान्त ओशन (OCEN) संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बताया कि प्रकृति के पास ही हर समस्या का इलाज है। हरित वातावरण से न सिर्फ हवा साफ होती है, बल्कि इंसान का मानसिक तनाव भी कम होता है।
केजीएमयू के श्वास रोग विभाग में मरीजों के लिए शुद्ध हवा बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए डॉ. सूर्यकान्त के प्रयासों से विभाग परिसर में कई ग्रीन ज़ोन बनाए गए हैं। यह पूरे केजीएमयू परिसर में सबसे ज्यादा है। यहां ग्रीन गार्डन और नवग्रह वाटिका बनाई गई है। इनमें फल, फूल और औषधीय पौधे लगाए गए हैं।
कार्यक्रम में डॉ. संतोष कुमार, डॉ. आनंद श्रीवास्तव, डॉ. अंकित कुमार समेत कई सीनियर और जूनियर डॉक्टर शामिल हुए। नर्सिंग स्टाफ, पीआरसी टीम और विभागीय कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर पौधे लगाए और पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया।




