TET Protest in Delhi: रामलीला मैदान में शिक्षकों का विशाल धरना, रायबरेली से 1000 शिक्षक रवाना

रायबरेली: सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया निर्णय के बाद देशभर के शिक्षकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस फैसले में शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षकों का मानना है कि यदि TET पास न करने पर सेवा से मुक्त करने की शर्त लागू की जाती है, तो देश भर के लगभग 25 लाख शिक्षकों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा।
इसी आदेश के विरोध में Teachers Federation of India ने 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक राष्ट्रीय शिक्षक रैली का आयोजन किया है।
रायबरेली से भारी संख्या में शिक्षकों का कूच
इस विशाल धरना प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए रायबरेली जिले से जूनियर शिक्षक संघ के लगभग 1000 शिक्षक दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। उत्तर प्रदेशीय जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने बताया कि 2010 की NCTE (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) की अधिसूचना में पुराने शिक्षकों को TET से छूट देने का स्पष्ट प्रावधान है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह तत्काल हस्तक्षेप कर 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से राहत प्रदान करे।
विभिन्न मार्गों से दिल्ली पहुँच रहे शिक्षक
जिला महामंत्री सियाराम सोनकर ने जानकारी दी कि शिक्षक पूरी तरह लामबंद हैं और रैली में शामिल होने के लिए ट्रैवल्स बस, अपनी निजी गाड़ियों और रेल मार्ग से लगातार दिल्ली पहुँच रहे हैं। दिल्ली रवाना होने वाले प्रमुख लोगों में संरक्षक समर बहादुर सिंह, जिला कोषाध्यक्ष शिवशरण सिंह, शिव कुमार सिंह, मेराज अहमद, रवि श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, गौरव युवराज, सुनील यादव, राजेश यादव, उमाशंकर चौधरी, विक्रमादित्य सिंह, सुरेंद्र वर्मा, आशीष चौधरी, राकेश पटेल, धर्मेन्द्र शर्मा, रमेश और संजीव श्रीवास्तव सहित कई अन्य शिक्षक शामिल हैं।




